Hindi News

कुंडली मिलान में गण क्यों देखा जाता है? शादी से पहले जरूर जानें ये ज्योतिषीय कारण

Written by:Bhawna Choubey
Published:
शादी से पहले कुंडली मिलान में ‘गण’ को सबसे अहम माना गया है। जानिए क्या होता है गण, यह कैसे बनता है, और क्यों इसका मेल न होना वैवाहिक जीवन में अशांति का कारण बन सकता है।
कुंडली मिलान में गण क्यों देखा जाता है? शादी से पहले जरूर जानें ये ज्योतिषीय कारण

भारतीय संस्कृति में विवाह सिर्फ दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन माना गया है। इसलिए शादी से पहले ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली मिलान (Kundli Matching) की परंपरा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि जन्म कुंडली में मौजूद ग्रह, नक्षत्र और गण किसी व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार और जीवन के मार्ग को निर्धारित करते हैं।

कई बार दो लोग एक-दूसरे को पसंद तो कर लेते हैं, लेकिन उनकी कुंडलियां मेल नहीं खातीं खासकर जब बात “गण दोष” की होती है। गण का मेल न होना कई बार वैवाहिक जीवन में मनमुटाव, मतभेद और अस्थिरता का कारण बन जाता है। आइए जानते हैं आखिर कुंडली मिलान में गण क्या होता है और इसका महत्व इतना ज़्यादा क्यों माना गया है।

गण क्या होता है? (What is Gana in Kundli Matching)

कुंडली मिलान में अष्टकूट मिलान पद्धति का उपयोग किया जाता है, जिसमें आठ मुख्य कूट (गुण) देखे जाते हैं वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी। इनमें से गण कूट व्यक्ति के स्वभाव और मानसिक संगति से जुड़ा होता है। ज्योतिष के अनुसार, हर व्यक्ति का स्वभाव उसके जन्म नक्षत्र से निर्धारित होता है और इन्हीं नक्षत्रों को तीन वर्गों में बांटा गया है।

1. देव गण (Deva Gana)

ये व्यक्ति शांत, दयालु, ईमानदार और धार्मिक स्वभाव के होते हैं। इनकी सोच सकारात्मक और सहयोगी होती है। उदाहरण, अश्विनी, मृगशिरा, पुष्य, हस्ता, अनुराधा आदि नक्षत्रों वाले लोग देव गण में आते हैं।

2. मानव गण (Manushya Gana)

ये लोग व्यावहारिक, कर्मठ और सामाजिक होते हैं। इनका स्वभाव न तो बहुत शांत होता है न बहुत उग्र, बल्कि ये संतुलन बनाए रखते हैं। उदाहरण, रोहिणी, पुनर्वसु, उत्तराषाढ़ा, चित्रा, धनिष्ठा आदि।

3. राक्षस गण (Rakshas Gana)

इनकी सोच तेज़, स्वतंत्र और कभी-कभी उग्र होती है। ये लोग आत्मविश्वासी होते हैं और अपनी बात खुलकर कहते हैं। उदाहरण, भरणी, कृतिका, मघा, विशाखा, पूर्वाषाढ़ा, ज्येष्ठा आदि।

कुंडली मिलान में गण का महत्व क्यों होता है?

कुंडली मिलान में कुल 36 गुण देखे जाते हैं, जिनमें गण कूट के 6 अंक होते हैं। अगर वर-वधू के गण समान हों, तो उन्हें पूरे 6 अंक मिलते हैं, जो मानसिक और स्वभाविक संगति को दर्शाते हैं। लेकिन अगर गण मेल न खाए, तो यह गण दोष कहलाता है और यही दोष भविष्य में वैवाहिक मतभेदों का कारण बन सकता है।

गण मेल का अर्थ

देव गण और मानव गण का मेल अच्छा माना जाता है। देव गण और राक्षस गण का मेल असंगत होता है, यहां समझौता कठिन होता है। मानव गण और राक्षस गण का मेल भी चुनौतीपूर्ण माना गया है। ज्योतिष में कहा गया है कि अगर किसी जोड़े के बीच गण दोष हो, तो शादी से पहले शांतिपाठ, पूजन या मंत्र जाप द्वारा इसे दूर किया जा सकता है।

गण से स्वभाव की समानता का क्या अर्थ है?

गण से यह समझा जाता है कि किसी व्यक्ति का मानसिक स्तर और सोच किस प्रकार की है, क्या वह शांतिप्रिय है या दृढ़ इच्छाशक्ति वाला, क्या वह संवेदनशील है या तर्कशील। जब दो लोगों के गण समान होते हैं, तो उनकी सोच और प्रतिक्रिया एक जैसी होती है। इससे रिश्ते में सामंजस्य और संतुलन बना रहता है। लेकिन जब गण अलग होते हैं, तो विचारों में टकराव और ईगो क्लैश की संभावना बढ़ जाती है।

अगर देव गण की कन्या की शादी राक्षस गण के वर से होती है, तो उसका स्वभाव शांत और दयालु रहेगा जबकि वर का स्वभाव उग्र और आत्मकेंद्रित हो सकता है। ऐसे में रिश्ते में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। इसलिए कुंडली मिलान के दौरान ज्योतिषी विशेष रूप से गण की जांच करते हैं ताकि आगे चलकर रिश्ते में मानसिक असंगति न आए।

क्या गण दोष से शादी टल जाती है?

यह जरूरी नहीं कि गण दोष होने पर शादी असंभव हो जाए। ज्योतिष के अनुसार, अन्य गुणों का संतुलन गण दोष को कम कर सकता है। यदि किसी जोड़े की कुंडली में कुल 18 या उससे अधिक गुण मिलते हैं, तो गण दोष का प्रभाव कम माना जाता है। साथ ही, कुछ ज्योतिषीय उपायों जैसे , गण दोष निवारण पूजा, गणेश या विष्णु पूजा, दान और व्रत से भी इसका दुष्प्रभाव घटाया जा सकता है। वास्तव में, यह दोष केवल स्वभाविक अंतर को दर्शाता है, यदि दोनों व्यक्ति एक-दूसरे को समझने का प्रयास करें, तो यह दोष रिश्ते को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत बना सकता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews