लम्बे समय बाद दो बच्चे मिले कोरोना पॉजिटिव, MP के इस जिले में मचा हड़कंप

लम्बे समय बाद दो बच्चे मिले कोरोना पॉजिटिव, MP के इस जिले में मचा हड़कंप

बालाघाट, सुनील कोरे। मध्यप्रदेश में लगभग नियंत्रण की स्थिति में आ चुके कोरोना (Corona) के पॉजिटिव मरीज (Corona Positive Paitent) सामने आते ही उस क्षेत्र में हड़कंप मच जाता है।  हालाँकि सरकार की तरफ से जिला प्रशासन और जनता दोनों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत बार बार दी जा रही है बावजूद इसके किसी न किसी की लापरवाही पॉजिटिव मरीज के रूप में सामने आ जाती है।

बालाघाट जिले में पिछले लंबे समय से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या शून्य थी। कोविड टीकाकरण और नियमों के पालन से पूरी तरह से जिले में कोरोना पर अंकुश लगा था, लेकिन गत दिवस 11 वर्षीय और 5 वर्षीय दो बच्चों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को घर में आईसोलेट कर उनके परिजनों के साथ ही आसपास के लोगों के सैंपल लिए है, हालांकि बच्चों को छोड़कर परिजनों और आसपास के लोगों के सैंपल निगेटिव आये है, लेकिन सावधानी के चलते बच्चों के परिजनों को निर्धारित समयावधि तक बाहर नहीं निकलने के निर्देश दिये गये है, वहीं आसपास के लोगों को भी सावधानी बरतने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिये गये है। स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से घर के आगे बेरिकेट लगा दिये है, ताकि परिजन या बच्चे बाहर नहीं निकले।

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बताया जाता है कि सरेखा निवासी 5 वर्षीय बच्चे को कुछ दिनों पूर्व सर्दी, जुकाम हुआ था। जबकि 11 वर्षीय बच्चे को सर्दी जुकाम था। जिसको लेकर परिजनों ने जब बच्चों की कोरोना जांच करवाई तो आरटीपीसीआर से जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चूंकि संभावित तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जानकारों द्वारा जाहिर की जा रही थी, जिससे जिले में तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इससे इंकार कर रहा है।

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सीएमएमओ डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि बच्चों के पॉजिटिव आने की खबर सही है लेकिन यह तीसरी लहर नहीं है, कभी बच्चों में सिम्टम्स रह जाते है, लेकिन देरी से दिखाई देते हैं जिसको लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बच्चों की ट्रेवल हिस्ट्री के बारे में कोई जानकारी परिजनों ने नहीं दी है, हालांकि हमारे ओर से प्रयास किया जा रहा है, बच्चों को होम आईसोलेट कर दिया गया है और बच्चों के परिजनों को बाहर नहीं निकलने के निर्देश दिये गये है।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान में त्यौहारों का समय है, ऐसे में बाजारो में कोविड से बचाव को लेकर जारी निर्देशों का पालन करने में व्यापारी और ग्राहक कोताही बरत रहे हैं वहीं बाहर से लोग भी आ रहे हैं जो भी जिले में बीमारी फैलाने में सहायक हो सकते हैं।  इसका हम सभी को ध्यान रखना है कि बाहर से आने वाले लोगों के संपर्क में न आये। उन्होंने  नियमों का पालन दो गज दूरी, मॉस्क है जरूरी और सेनटाईजर का उपयोग करते रहने की सलाह दी है। सीएचएमओ डॉ. पांडेय ने कहा कि टीकाकरण भी बहुत जरूरी है, चूँकि बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया है, इसलिए उसमें सिम्टम्स दिखाई दे रहे हैं। इसलिए जो भी टीकाकरण से वंचित हो, वह अपना टीकाकरण करवा ले और बाहर से आये यदि कोई व्यक्ति ने टीकाकरण नहीं करवाया है तो उसे भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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