बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बालाघाट दौरे के दौरान लांजी के सरकारी स्कूल में दिलचस्प नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लांजी पहुंचे और सीधे बच्चों की क्लास में जाकर उनसे बातचीत की। इस दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उपहार में अपने स्कूल को सांदीपनि विद्यालय में बदलने की मांग रख दी। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों को निराश नहीं किया और वहीं स्कूल को सांदीपनि विद्यालय बनाने का आश्वासन दे दिया।
मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देखकर बच्चे भी उत्साहित नजर आए और उनसे खुलकर बातचीत की।
केमिस्ट्री की क्लास में CM ने पूछा सवाल
मुख्यमंत्री जिस समय कक्षा 10वीं में पहुंचे, वहां रसायन विज्ञान का पीरियड चल रहा था। उन्होंने बच्चों से पूछा, “पानी में क्या डालने से आग लग जाती है?” एक छात्रा ने जवाब दिया कि सोडियम को पानी में डालने से आग लग सकती है। सही जवाब मिलने पर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की।

इसके बाद डॉ. यादव ने बच्चों से पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि वे पीएससी की तैयारी कर अधिकारी बनना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
छात्रा ने पूछा- CM राइज का नाम सांदीपनि विद्यालय क्यों?
बातचीत के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि विद्यालय क्यों किया गया? मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और उनके मित्र सुदामा के गुरु महर्षि सांदीपनि से प्रेरणा लेकर इन विद्यालयों का नाम सांदीपनि रखा गया है।

उन्होंने कहा कि सांदीपनि गुरु के आश्रम की भावना की तरह इन स्कूलों में बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास है।
राखी बांधी तो बच्चों ने मांग लिया स्कूल के लिए ‘उपहार’
रक्षाबंधन के मौके पर छात्राओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। इसी दौरान उन्होंने अपने स्कूल को सांदीपनि विद्यालय बनाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लांजी को सांदीपनि विद्यालय बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने कहा कि बच्चों का आत्मविश्वास, उत्साह और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि देखकर उन्हें खुशी हुई।






