बालाघाट में तीन महिला सहित चार नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद, सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई

encounter with naxalites

सुरक्षाबलों को आज नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, बालघाट जिले के पचामादादर एवं कटेझिरिया के जंगल में हॉकफोर्स, जिला बल एवं सीआरपीएफ के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 4 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराने में सफलता मिली है,इसमें तीन महिला नक्सली शामिल हैं। नक्सलियों से ग्रेनेड लान्चर, SLR राइफल, दो .315 बोर राइफल एवं अन्य शस्त्र व सामग्री भी बरामद हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में 4 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराने पर राज्य पुलिस बल के जवानों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को प्रदेश की धरती से समूल खत्म करने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पाने में हमारे पुलिस जवानों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल विरोधी अभियान में भाग ले रहे पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत कर रही है। कुछ महीने पहले बालाघाट में एक कार्यक्रम में नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया था। इस बार भी अच्छे परिणाम देने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा।

नक्सलियों के पास भारी मात्रा में हथियार मिले

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट प्रदेश का एक मात्र जिला है, जो नक्सल प्रभावित है। शनिवार को यहां मुठभेड़ में मारे गए 4 नक्सलियों में 3 महिलाएं शामिल हैं। उनके कब्जे से कई ऑटोमैटिक हथियार, रॉकेट लॉन्चर और भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है। नक्सलियों द्वारा किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस जवानों ने सक्रियता दिखाई और सभी हथियारबंद नक्सलियों को ढेर कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिसबल को बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलियों की वजह से जनजातीय भाई-बहनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। नक्सली सरेंडर करें, नहीं तो मारे जाएंगे। प्रदेश पुलिस इस कार्य को बखूबी अंजाम दे रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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