मध्य प्रदेश के बड़वानी ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। दरअसल शहर की पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विभिन्न तरह के आयोजन लिए जा रहे हैं।
बड़वानी में भी इस अभियान के तहत विभिन्न शासकीय और प्राइवेट विद्यालयों में नशा मुक्ति के विषय पर चित्रकला और स्लोगन लेखन गतिविधियों का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों में इन गतिविधियों में भाग लिया। इन्हीं विद्यार्थियों की मेहनत के फल स्वरुप बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में बड़वानी पुलिस
विद्यालयों में आयोजित की गई चित्रकला एवं स्लोगन लेखन गतिविधियों में विद्यार्थियों द्वारा लगभग 16700 ड्राइंग शीट पर नशा मुक्ति विषय से जुड़े चित्र और स्लोगन तैयार कर जनता तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचा गया। इस रचनात्मक पहल के लिए पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया, जो पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
मिला प्रमाण पत्र और मेडल
इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनाना था। विद्यार्थियों ने इसमें उत्साह पूर्वक सहभागिता की। इसके बाद बावनगजा में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।


वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड से सराहना
बड़वानी पुलिस कि इस उपलब्धि की वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन के चार्टर्ड ऑफिसर राजीव श्रीवास्तव सराहना करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि बड़वानी पुलिस द्वारा संचालित है जन जागरूकता अभियान सराहनीय है। इसके जरिए सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल की गई है। इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी महेश सुनैया, डीएसपी महिला सुरक्षा सहित अलग-अलग जिलों के प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी और स्कूली छात्र छात्राएं मौजूद रहे।







