बैतूल में प्रमोशन के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर भोपाल लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने डीएफओ पश्चिम वन मंडल कार्यालय परिसर में 55 हजार रुपये की रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर अभय सिंह तोमर और सहायक ग्रेड-2 माखनलाल पवार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
बता दें कि यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कविन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। आरोप है कि कर्मचारियों ने वन रक्षक सुकांत पाठक के लंबित प्रमोशन और सेवा संबंधी प्रकरण को निपटाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि बरामद कर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग
जानकारी अनुसार, शिकायतकर्ता सुकांत पाठक ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि प्रमोशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारियों ने 55 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जैसे ही यह शिकायत लोकायुक्त पुलिस को लगी तब टीम ने पहले आरोपों को सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांग की पुष्टि होने पर सोमवार को लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोरों को पकड़ने के लिए पूरी रणनति तैयार की।
सोमवार को शिकायतकर्ता सुकांत पाठक ने चिचोली एसडीओ कार्यालय के बाहर दोनों आरोपियों को 55 हजार रुपये की रिश्वत की राशि वाला लिफाफा दिया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम का लिफामा लिया। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
जबलपुर लोकायुक्त ने भी की बड़ी कार्रवाई
बता दें कि जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने भी सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने विद्युत विभाग में पदस्थ सहायक अभियंता और लाइनमैन 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कर्मचारियों ने एक किसान से उसके खेत में 3 एचपी के स्थाई विद्युत कनेक्शन के लिए की स्वीकृति देने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।





