MP में यहां है ‘कोरोना वाले महादेव’ का मंदिर, करते हैं महामारी से रक्षा

MP में यहां है ‘कोरोना वाले महादेव’ का मंदिर, करते हैं महामारी से रक्षा

बैतूल|वाजिद खान| Betul News देश भर में कोरोना (Corona) को लेकर हाहाकार मचा हुआ है| इस महामारी के खिलाफ जारी जंग के बीच कई अनोखी तस्वीरें भी सामने आ रही है| प्रदेश भर के ज्यादातर इलाकों में जहां कोरोना ने अपने पैर पसार लिए हैं, वहीं एक इलाका ऐसा भी है जो अब तक कोरोना संक्रमण से अछूता है| यहां प्रदेश का इकलौता ‘कोरोना वाले महादेव’ (Corona Wale Mahadev) का मंदिर बनाया गया है| लोगों का मानना है कि चिचौली कस्बा अब भी कोरोना के प्रकोप से बचा हुआ है, ऐसा कोरोना वाले महादेव की कृपा से हुआ है।

दरअसल, कोरोना वाले महादेव का मंदिर चिचौली थाना परिसर में स्थित है। यहां से 31 मई को रिटायर हुए थाना प्रभारी ने मंदिर में महादेव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कराई और गांव वालों ने मंदिर का नाम कोरोना वाले महादेव रख दिया । वह यहां पर पूजा पाठ के लिए आते हैं और भगवान से कस्बे को कोरोना से बचाए रखने की प्रार्थना करते हैं। बैतूल जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर की दूरी पर बसे चिचोली कस्बे के थाना परिसर में एक पुराना मंदिर था, जहां पर भगवान महादेव की छोटी सी प्रतिमा थी। पेड़ की एक टहनी टूटकर मंदिर पर गिरी, जिससे भगवान महादेव की मूर्ति खंडित हो गई। इस बीच थाने में आये टीआई आरडी शर्मा ने भगवान शिव की खंडित मूर्ति देख मंदिर में दोबारा मूर्ति स्थापना का निश्चय किया था|

आरडी शर्मा बताते हैं कि मैं 31 मई को रिटायर होने वाला था। लेकिन, सेवानिवृत्ति से पहले ही इस मंदिर को बनाने का प्लान बनाया था। रिटायरमेंट की तारीख पास आ रही थी, इसिलए मैंने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए इसको बनवाया और 2 पंडितों के साथ मिलकर विधि-विधान से भंगवान शंकर की स्थापना करवाई। इसी दौरान बैतूल जिले में कोरोना के मरीज आने लगे, लेकिन चिचोली में एक भी व्यक्ति इससे संक्रमित नहीं हुआ। लोगों की सलाह पर सेवानिवृत्ति के पहले टीआई ने मंदिर का नाम ‘कोरोना वाले महादेव’ रख दिया। लोगों को पूरी उम्मीद है कि आगे भी कोरोना वाले महादेव उनकी रक्षा करेंगे और कोरोना महामारी उन्हें छू नहीं पाएगी।

Gaurav Sharma
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