रेत के बढते दामों को लेकर BJP का अनोखा प्रदर्शन, ढोल बजा कर हाथ ठेले पर बेची

रेत के बढते दामों को लेकर BJP का अनोखा प्रदर्शन, ढोल बजा कर हाथ ठेले पर बेची

बैतूल।वाजिद खान। मध्य प्रदेश के बैतूल में आसमान छू रहे रेत के दामों को लेकर भाजपा ने अनोखा प्रदर्शन किया सोमवार को बैतूल में भाजपा ने ढोल बजाकर हाथ ठेले पर रेत रख कर बेचने के साथ रेत ही के महंगे दामों को लेकर अपना विरोध जताया गया और रेत के दाम कम करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा । भाजपा ने लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और हाथ ठेलों पर रेत रखकर पूरे शहर में रैली निकाली इस दौरान 50 रु के हिसाब से रेत के पैकेट बेचे जा रहे थे वही तराजू से तौल कर भी रेत बेचने का प्रदर्शन किया जा रहा था । हाथ ठेलों पर पोस्टर भी लगाए गए थे जिनमें रेत के दाम के साथ यह भी लिखा था कि सोने के भाव से कम दामों पर रेत उपलब्ध है । दरअसल कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने रेत खदानों के ग्रुप बनाकर ठेके दिए थे जिससे बड़े ग्रुप ही रेत के ठेके ले सकते थे । ऐसे में पूरे जिले की खदानों का ठेका एक ही ठेकेदार के लेने के कारण रेत के कार्य में कॉम्पिटिशन खत्म हो गया और ठेकेदार की मोनोपली के चलते बैतूल जिले में रेत के दाम पहले से दोगुने हो गए । बैतूल में सतना की उमा रेसिडेंसी नाम की फर्म ने लगभग 32 करोड़ का ठेका लिया है । कुछ खदान पर पहले से ही ठेका चल रहा है । पहले जहां आठ सौ फीट रेत का एक डंपर पर रेत 20 हजार तक में मिलता था वही अब इसके दाम 35 हजार रु डम्फर तक हो गए हैं । रेत महंगी होने का दूसरा कारण बैतूल से बड़ी मात्रा में रेत महाराष्ट्र जा रही है जिसके कारण रेत के दाम महंगे हुए हैं । रेत महंगी होने के कारण सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवार और खास तौर पर पीएम आवास पर पड़ा है जो महंगे दामों पर रेत नहीं ले पा रहे हैं । भाजपा ने प्रशासन से से मांग की है कि जल्द ही रेत के दाम कम कराए जाएं नहीं तो भाजपा उग्र प्रदर्शन करेगी । इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन का कहना है कि भाजपा के ज्ञापन पर विचार किया जाएगा और जो संभव हो सकेगा वह कार्रवाई की जाएगी ।

आरआर पांडे ( एसडीएम बैतूल)(आर आर पांडे का कहना है कि भाजपा के द्वारा रेत महंगी होने का ज्ञापन दिया गया है इसको लेकर प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा)

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews