मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली रकम को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। मेहगांव थाना क्षेत्र में एक ग्राहक और चक्की संचालक के बीच आटा पिसाई के पैसे को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि गुस्से में आकर चक्की संचालक ने ग्राहक का कान दांत से काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद घायल व्यक्ति को तुरंत मदद पहुंचाई गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच बहस काफी देर तक चली, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इस स्तर तक पहुंच जाएगा। पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
45 रुपये की मांग, 40 रुपये देने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार मोरोली गांव निवासी धान सिंह भदौरिया ने खेरियातोर मोड़ स्थित एक आटा चक्की पर करीब 37.5 किलो गेहूं पिसाने के लिए दिए थे। शुक्रवार शाम जब वह पिसा हुआ आटा लेने पहुंचे तो भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शिकायत के मुताबिक चक्की संचालक पप्पू ओझा ने पिसाई के 45 रुपये मांगे, जबकि धान सिंह ने 40 रुपये दिए। पांच रुपये के अंतर को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों के बीच केवल जुबानी विवाद हुआ, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान मारपीट शुरू हो गई और गुस्से में आकर संचालक ने ग्राहक के कान पर हमला कर दिया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि तब तक पीड़ित को गंभीर चोट लग चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा कई बार बड़े विवादों की वजह बन जाता है और यह घटना भी उसी का उदाहरण है।
कान काटने की घटना के बाद पुलिस जांच तेज
घायल धान सिंह का कहना है कि हमले में उनके कान के निचले हिस्से का एक भाग अलग हो गया। घटना के बाद उन्होंने तुरंत मेहगांव थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी महेश शर्मा के अनुसार दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि किसी व्यक्ति को जानबूझकर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के मामलों में पुलिस मेडिकल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धाराएं तय करती है। इसलिए जांच रिपोर्ट इस मामले में अहम भूमिका निभाएगी। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय मौजूद लोगों ने क्या देखा और विवाद की शुरुआत किस तरह हुई।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली आर्थिक विवाद किस तरह अचानक हिंसा में बदल सकते हैं। समाजशास्त्रियों का मानना है कि ऐसे मामलों में धैर्य और बातचीत से समाधान निकालना जरूरी है, क्योंकि कुछ मिनटों का गुस्सा कई बार जिंदगी भर का नुकसान दे जाता है। भिंड की यह घटना फिलहाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।






