अब एक और कांग्रेसी विधायक ने कसा कंप्यूटर बाबा पर तंज

COMPUTER BABA

भिंड।गणेश भारद्वाज।

नर्मदा विकास न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा इन दिनों कांग्रेसियों के निशाने पर हैं ।दरअसल रेत की खदानों पर छापामारी के चलते बाबा से कांग्रेस के नेता परेशान हो गए हैं ।बाबा ने दो दिन पहले कांग्रेस के सीनियर विधायक लक्ष्मण सिंह को अनर्गल बातें करने वाला और बिना सोचे समझे बयान देने वाला व्यक्ति बताया था जिसके जवाब में बुधवार को लक्ष्मण सिंह ने बाबा को फर्जी करार दे दिया और कहा कि ऐसे बाबाओं से ही कांग्रेस का नुकसान होता है।

एक दिन पहले खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल भी बाबा के लिए टिप्पणी कर चुके हैं कि उन्हें यही नहीं पता कि खजाने सरकारी हैं या अवैध। ताजा मामला भिंड जिले का है जहां कंप्यूटर बाबा ने सिंध नदी में तीन अवैध पोकलेन  खनिज करती हुई पकड़ने का दावा किया था और कहा था कि यह पूरी तरह से अवैध उत्खनन कर रही थी। इसके जवाब में मेहगांव से विधायक ओपी भदोरिया ने कहां है कि तीनों मशीनें नदी से 3 किलोमीटर दूर गांव में रखी थी। अगर अवैध उत्खनन में सम्मिलित होती तो सबसे पहले आगे बढ़कर मै ही कार्रवाई करता। बाबा को उन्होंने आत्मज्ञानी संत बताया। इसके जवाब में बाबा ने एक बार फिर कहा कि क्या मेहगांव विधायक नहीं चाहते कि उनके क्षेत्र में अवैध उत्खनन बंद हो। अब इस तरह से बाबा की कार्यवाही कहीं ना कहीं कांग्रेस के नेताओं के क्षेत्रों में मुसीबत का सबब बनती जा रही है ।बाबा के खिलाफ आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews