भोपाल/भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले का मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र अब गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मालनपुर में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी यूनिट का शुभारंभ किया। कंपनी ने इस विस्तार पर 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। कंपनी के मुताबिक, नई यूनिट के बाद मालनपुर का प्लांट एशिया के सबसे बड़े साबुन निर्माण केंद्रों में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालनपुर में तैयार होने वाले उत्पाद अब देशभर में पहुंचेंगे। नई यूनिट में प्रति मिनट करीब 4 हजार साबुन तैयार करने की क्षमता बताई गई है। सीएम ने अपने अंदाज में कहा, “देश में मच्छर कहीं भी होंगे, लेकिन गुडनाइट भिंड से ही जाएगा।” नई यूनिट से क्षेत्र में सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सीएम बोले- चंबल की धरती अब उपजाऊ भी, टिकाऊ भी और कमाऊ भी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल क्षेत्र में आ रहे बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भिंड ने अतीत में अपना एक अलग दौर देखा है, लेकिन अब पूरा अंचल तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज चंबल की भूमि “उपजाऊ भी है, टिकाऊ भी है और कमाऊ भी है।”



सीएम ने दावा किया कि दो महीने से भी कम समय में प्रदेश में शुरू होने वाली यह तीसरी बड़ी औद्योगिक यूनिट है। इससे पहले गुना में 1500 करोड़ रुपये और शिवपुरी में 3500 करोड़ रुपये के प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ एमओयू करने पर नहीं, बल्कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने पर है।
मालनपुर में गोदरेज का 35 साल पुराना रिश्ता
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने बताया कि मालनपुर से कंपनी का रिश्ता करीब 35 साल पुराना है। वर्ष 1991 में आदि गोदरेज ने यहां साबुन निर्माण की यूनिट शुरू की थी। गोदरेज नंबर-1 साबुन का उत्पादन भी मालनपुर में होता रहा है।


कंपनी के एमडी-सीईओ आसिफ मलबारी के मुताबिक, मालनपुर में करीब 70 एकड़ में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित है और यहां अब तक कुल करीब 850 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। कंपनी की कुल साबुन उत्पादन क्षमता करीब 2 लाख टन बताई गई है। नई यूनिट के विस्तार के साथ कंपनी ने मालनपुर को एशिया का सबसे बड़ा साबुन मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बताया है।
एलिक्सर इंडस्ट्रीज का प्लांट भी जल्द होगा शुरू
मुख्यमंत्री ने मालनपुर में प्रस्तावित एलिक्सर इंडस्ट्रीज के प्लांट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 8-10 महीने पहले 1500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्लांट का भूमिपूजन किया गया था और अब इसका लोकार्पण भी जल्द किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दर 30 प्रतिशत से अधिक है। अलग-अलग क्षेत्रों में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश मूर्त रूप ले रहा है और कई फैक्ट्रियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रदेश की विदेशी निर्यात क्षमता 76 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात भी कही।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की संभावनाएं तलाशी हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने की तैयारी है। इससे ग्वालियर-चंबल में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि कभी दस्यु समस्या के कारण पहचाने जाने वाला ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए नई पहचान बना रहा है। सीएम ने गोदरेज समूह से मालनपुर में पांचवीं यूनिट शुरू करने और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी अपेक्षा जताई।
जनवरी 2027 में फिर होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जनवरी 2027 में आयोजित की जाएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसके शुभारंभ की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नए निवेश के जरिए प्रदेश में रोजगार के ज्यादा अवसर तैयार करना है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कभी पिछड़ा माना जाने वाला चंबल अब औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भिंड में हाइड्रोजन उत्पादन के लिए प्रस्तावित प्लांट का भी जिक्र किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि गोदरेज की नई यूनिट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मलेरिया मुक्त मध्य प्रदेश के लिए सरकार के साथ काम करने को तैयार गोदरेज
निसाबा गोदरेज ने कहा कि कंपनी ने मलेरिया और दूसरी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी उत्पाद विकसित किए हैं। उन्होंने वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई।
उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए सुरक्षा, आवास और रोजगार के अवसर बढ़ने का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, नाइट शिफ्ट में काम के अवसर मिलने से महिलाओं की औद्योगिक क्षेत्र में भागीदारी बढ़ सकती है।






