50 वर्ष पहले ही लागू हो जाना चाहिए था सीएए: जैन संत प्रसन्न सागर

50 वर्ष पहले ही लागू हो जाना चाहिए था सीएए: जैन संत प्रसन्न सागर

भिण्ड। गणेश भारद्वाज।

वियतनाम यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त प्रसिद्ध जैन संत प्रसन्न सागर महाराज ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि मोदी जी ने माँ , मातृभूमि ओर महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पूछे गए एक प्रश्न के जबाब में जैन संत ने कहा कि मोदी को सुनकर लोग मोदी को वोट देते हैं और राहुल को सुनकर भी लोग मोदी को ही वोट देते हैं। सीएए का समर्थन करते हुए जैन संत ने कहा कि इसे तो 50 वर्ष पहले ही लागू कर देना चाहिए था, सीएए विरोध करने वालों को जैन संत ने सूअर तक कह दिया, उन्होंने कहा कि मोहल्लों की साफ सफाई करने के लिए सूअरों का भी होना आवश्यक है अंत में जब मीडिया ने पूछा कि महाराज श्री आप मोदी सरकार को 10 में से कितने अंक देंगे तो उन्होंने 10 में से 10 अंक देने की बात कही। ज्ञात हो कि जैन संत प्रसन्न सागर महाराज भिंड में तीन दिवसीय जनमंगल नवधा भक्ति महोत्सव में भाग लेने के लिए पहुंचे हुए हैं। यह महोत्सव 1 फरवरी से प्रारंभ होकर 3 फरवरी तक भिंड के कीर्ति स्तंभ परिसर में आयोजित होगा और इसी दिन महाराज श्री उत्तर प्रदेश के इटावा के लिए विहार कर जाएंगे।

जैन संत आहार का होगा ऐतिहासिक कार्यक्रम

भिंड में पधारे जैन संत प्रसन्न सागर महाराज के लिए भिंड के जैन धर्म प्रेमी बंधुओं के द्वारा एक हजार आठ चौकों का आयोजन किया जाएगा । 3 फरवरी को आयोजित होने वाला यह दृश्य अपने आप में अद्भुत अनुपम एवं ऐतिहासिक होगा। इस अवसर पर मुनि पियूष सागर महाराज ने भी महाराज प्रसन्न सागर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराज श्री जगत के कल्याण के लिए पिछले कई वर्षों से देश और विदेशों में धार्मिक आयोजन करने में जुटे हुए हैं इसके पीछे उनका एकमात्र उद्देश्य इस पूरे विश्व का कल्याण करना मात्र है। तीन दिवसीय जनमंगल नवधा भक्ति महोत्सव के प्रमुख आयोजकों में जगदीश दादा, राजेंद्र जैन बिल्लू, राजेंद्र जैन पप्पू, नरेश जैन, संजय जैन, कमलेश जैन, मोनू जैन, आलोक जैन, मनोज जैन व ऋषभ जैन एवं समस्त पदाधिकारी प्रज्ञ संघ भिंड हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews