Lok Sabha Election 2024 : पूर्व विधायक रसाल सिंह का BSP से मोह भंग, 6 महीने में ही छोड़ी पार्टी, BJP में वापसी की अटकलें

माना जा रहा है कि भाजपा के कहने पर ही रसाल सिंह ने बीएसपी से इस्तीफा दिया है, उनके करीबियों की माने तो उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते बीएसपी छोड़ी है अब वे भाजपा में वापसी करेंगे या फिर कोई दूसरी पार्टी ज्वाइन करेंगे एय एक दो दिन में पता चल जायेगा, बहरहाल रसाल सिंह के लोकसभा चुनाव के बीच बीएसपी छोड़ने से पार्टी को झटका जरुर लगा है।
Former MLA Rasal Singh

Lok Sabha Election 2024 : विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भिंड जिले की रौन विधानसभा से चार बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने रसाल सिंह ने हाथी की सवारी कर ली थी और उन्होंने BSP ज्वाइन कर ली थी लेकिन मात्र 6 महीने में उनका मोह भंग हो गया और उन्होंने आज बीएसपी से त्यागपत्र दे दिया, कयास लगाये जा रहे हैं कि रसाल सिंह जल्दी ही घर वापसी करेंगे यानि BJP ज्वाइन करेंगे।

नेताओं का दलबदल का सिलसिला  पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है, पार्टियों में भगदड़ मची हुई है, विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हुआ ये सिलसिला लोकसभा चुनावों तक जारी है, लेकिन अब जब उम्मीद पूरी नहीं हो रही तो कुछ नेताओं का नई पार्टियों से मोहभंग हो रहा है ऐसा ही भिंड जिले के पूर्व विधायक के साथ देखने को मिला है।

पूर्व विधायक रसाल सिंह ने विधानसभा चुनाव में छोड़ी थी BJP 

भिंड जिले के वरिष्ठ नेता और चार बार के भाजपा विधायक रसाल सिंह को विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं मिला था तो वे नाराज हो गए थे और उन्होंने भाजपा स इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर ली थी उनके साथ उनके सैकड़ों समर्थक भी बीएसपी में चले गए , लेकिन अब रसाल सिंह का बीएसपी से मोहभंग हो गया है ।

6 महीने में ही हुआ मोहभंग, BSP से दिया इस्तीफा 

रसाल सिंह ने मात्र 6 महीने में ही बीएसपी को अलविदा कह दिया, उन्होंने एक सादे कागज पर बीएसपी भिंड जिला अध्यक्ष के नाम इस्तीफा लिखा और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, इस्तीफे में रसाल सिंह ने कि वे व्यक्तिगत कारणों से पार्टी में सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं, स्वीकार किया जाये।

माना जा रहा भाजपा के कहने पर लिखी गई इस्तीफे की स्क्रिप्ट 

उधर खबर है रसाल सिंह के इस्तीफे की स्क्रिप्ट कल पीएम मोदी के मुरैना दौरे के बाद लिखी गई है, चर्चा है कि भिंड लोकसभा सीट पर भाजपा की स्थिति उतनी अच्छी नहीं हैं  जितनी दिखाई जा रही है, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसे समझ रहा है और पार्टी छोड़कर गए नेताओं की वापसी पर जोर दे रहा हैं, रसाल सिंह भी पार्टी के सीनियर नेता रहे हैं, वे चार बार विधायक रहे , दो बार चुनाव हारे यानि उन्हें लम्बा राजनीतिक अनुभव है, उनके क्षेत्र में उनका प्रभाव भी है।

भाजपा में वापसी की चर्चाएँ जोरों पर 

माना जा रहा है कि भाजपा के कहने पर ही रसाल सिंह ने बीएसपी से इस्तीफा दिया है, उनके करीबियों की माने तो उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते बीएसपी छोड़ी है अब वे भाजपा में वापसी करेंगे या फिर कोई दूसरी पार्टी ज्वाइन करेंगे एय एक दो दिन में पता चल जायेगा, बहरहाल रसाल सिंह के लोकसभा चुनाव के बीच बीएसपी छोड़ने से पार्टी को झटका जरुर लगा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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