घर के बाहर बेख़ौफ़ रिश्वत ले रहा था पटवारी, ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

फरियादी सर्वेश यादव ने ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि हल्का पटवारी आदित्य सिंह कुशवाह उसे  परेशान कर रहा है और उसकी जमीन पर कब्ज़ा कायम रखने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा है। 
Gwalior Lokayukta Team Action

Gwalior Lokayukta Team Action: ग्वालियर की लोकायुक्त पुलिस की टीम ने भिंड जिले के अटर तहसील में एक भ्रष्ट पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, आरोपी अपने घर के बाहर बेख़ौफ़ होकर रिश्वत ले रहा था,  तभी उसे टीम ने पकड़ लिया

लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक भिंड जिले की अटर तहसील के रमा गाँव में रहने वाले सर्वेश यादव ने ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि हल्का पटवारी आदित्य सिंह कुशवाह उसे  परेशान कर रहा है और उसकी जमीन पर कब्ज़ा कायम रखने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा है।

पटवारी ने मांगी 10, 000 रुपये की रिश्वत  

आवेदन में बताया गया कि कलेक्टर भिंड के स्थगन आदेश के पालन में आवेदक की ग्राम बरकापूरा स्थित कृषि भूमि पर प्रतिवादी प्रमोद यादव का कब्जा नहीं करवाने एवम आवेदक के पक्ष में यथावत कब्जा बनाये रखने के एवज में  आरोपी पटवारी आदित्य कुशवाह 10000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है जिसमें से वो 2 हजार रुपये दे चुका है।

रिश्वत लेते रंगे हाथ पटवारी गिरफ्तार 

शिकायत की सत्यता की जाँच के बाद लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने ट्रैप प्लान की और आज 16 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपी पटवारी आदित्य सिंह कुशवाह को शेष रिश्वत राशि 8000 रुपये लेते हुए उसके घर के बाहर अटेर रोड भिंड पर रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। मौके की कार्यवाही के बाद आरोपी को थाना कोतवाली भिंड ले जाकर ट्रैप टीम के द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज का रूसे गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप दल में डी एस पी प्रद्युम्न पाराशर, इंस्पेक्टर कवींद्र सिंह चौहान, रानी लता नामदेव ब्रजमोहन नरवरिया सहित 15 सदस्यीय टीम शामिल रही ।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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