Video Viral: लोडर वाहन में लगी आग, गाडी सहित लाखों का सामान जलकर खाक

Video Viral: लोडर वाहन में लगी आग, गाडी सहित लाखों का सामान जलकर खाक

भिण्ड।गणेश भारद्वाज

मध्यप्रदेश भिण्ड में हाल ही में भारौली थाना प्रभारी बनाये गए एसआई बाल्मीकि चौबे का सामान लेकर मुरैना से आ रही लोडिंग गाड़ी में शार्ट सर्किट होने से अचानक आग लग गई। जिससे गाड़ी में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। सूचना देने पर पास के कस्बे मौ से से फायर ब्रिगेड तब पहुंची जब तक सामान और गाड़ी जलकर खाक हो गया था।

घटना बीती रात को जिले के मौ थाना क्षेत्र के अंतर्गत दंदरौआ मंदिर के पास की है। बाल्मीकि चौबे पहले भी जिले के थानों में पदस्थ रह चुके हैं हाल ही में मुरैना जिले से उनका स्थानांतरण भिंड हुआ था। अभी तो रोज पहले पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह के द्वारा उन्हें भारौली थाने की कमान सौंपी गई थी। यहां हम बता दें कि बरौली थाना सिंध नदी के समीप पड़ता है और यह थाना क्षेत्र अवैध रेत उत्खनन के लिए बदनाम है बताया जाता। है कि यहां पर थानेदार की पदस्थापना होना बड़े चमत्कार की बात होती है। लोगों का कहना है कि यहां जिस थानेदार की एक बार पदस्थ ही हो जाती है वह फिर पैसे के लिए कभी परेशान नहीं होता है।

जिले के सबसे कमाऊ थानों में से एक भारौली थाना क्षेत्र अवैध रेत उत्खनन के चलते बन गया है हालांकि 10 से 15 वर्ष पूर्व इस दूरस्थ थाने में कोई भी पुलिसकर्मी जाने के लिए तैयार नहीं होता था और यदि जाता था तो वह सजा के तौर पर जाता था लेकिन जब से रेत का अवैध कारोबार चालू हुआ है सबसे इस थाने में रहने वाले चपरासी से लेकर थानेदार साहब की बल्ले-बल्ले रहती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews