मानसून के सुस्त पड़ने से पिछले 2 हफ्ते से मध्य प्रदेश में तेज या भारी बारिश का दौर थमा हुआ है। यही कारण है कि प्रदेश में अब तक 10.3 इंच बारिश हुई है, जबकी 12.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। फिलहाल अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि जुलाई के आखिरी हफ्ते में मजबूत मौसम प्रणाली और मानसून के सक्रिय होने से अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
सोमवार को दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ समेत 47 जिलों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश का दौर बना रह सकता है।
इस दौरान 40 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रह सकते हैं। मंगलवार को भी श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी और सागर में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अगले तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है।
1 जून से अबतक के बारिश के आंकड़े
- 1 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में औसतन 10.3 इंच 261.4 मिमी) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 12.3 इंच (311.8 मिमी) मानी जाती है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 23% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 10% से कम पानी गिरा है।
- देवास में सर्वाधिक सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा यानि 18 इंच बारिश हुई है। आलीराजपुर केवल सवा दो इंच यानि सामान्य से 74 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
- प्रदेश के 39 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में है।
- अबतक के आंकड़ों पर गौर करें तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में स्थिति ठीक है लेकिन जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की स्थिति ठीक नहीं है।











