मध्य प्रदेश में 1846 कोरोना पॉजिटिव, अब तक 92 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश में 1846 कोरोना पॉजिटिव, अब तक 92 लोगों की मौत

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| राज्य में अब तक 1846 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं| राज्य में इंदौर, भोपाल, उज्जैन और खरगोन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। भोपाल (Bhopal)में कोरोनावायरस के 37 मरीज मिले। इसमें गांधी मेडिकल कॉलेज के 4 डॉक्टर भी शामिल है। इसके साथ ही भोपाल में मरीजों की संख्या 360 हो गई है। वहीं इंदौर (Indore) में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1029 हो चुकी है। अब तक इंदौर में 55 मरीजों की मौत हो चुकी है।

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी दोपहर तीन बजे के बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में पॉजिटिव मरीज 1846 हो चुके हैं| वहीं कोरोना से अब तक 92 लोगों की जान चली गई है| वहीं 210 लोग अब तक कोरोना को हराकर स्वस्थ हो गए हैं| भोपाल में मरीजों की संख्या 360 हो गई है। वहीं इंदौर में 1029 और उज्जैन में 102 पॉजिटिव हो चुके हैं| खरगोन में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 61 हो गई है|

खरगोन (khargone)में गुरुवार रात में आई रिपोर्ट में बड़गांव के 6 और शुक्रवार की सुबह आई रिपोर्ट में 3 नए मरीज मिले। यहां अब तक 61 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इनमें से 6 लोगों की मौत हुई। वहीं 7 लोग स्वस्थ हो गए हैं| उज्जैन (Ujjain) में 42 नए संक्रमित मिले और तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक जिले में 102 लोग संक्रमित मिल चुके। इनमें 5 ठीक हो गए। 11 की मौत हो गई है।

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Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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