मध्य प्रदेश में आज 2 अक्टूबर गांधी जयंती से 31 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, इसमें शासकीय कार्यालयों में स्वच्छता रखने, वहां रखे अनावश्यक और अनुपयोगी कबाड़ को हटाने कैसे कार्य किये जायेंगे, जनता के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा साथ ही विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जायेगा जिसमें किसानों को सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कृषि तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भावांतर भुगतान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने बैठक में बताया कि प्रदेश में सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत किसानों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। पंजीयन PACS /CSC/ MP किसान ऐप के माध्यम से कराए जाएंगे। योजना अंतर्गत सोयाबीन विक्रय अवधि दिनांक 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी।
होर्डिंग बैनर से भावांतर योजना की जानकारी
निर्देश दिए गए कि 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में भावांतर योजना की जानकारी सचिव द्वारा दी जाए। 3 अक्टूबर, 2025 को सभी कृषि उपज मंडियों में होर्डिंग्स एवं पंजीयन केंद्र पर बैनर के माध्यम से योजना की जानकारी दी जाएगी। किसानों एवं व्यापारियों के Whatsapp ग्रुप पर SMS के माध्यम से पंजीयन की अनिवार्यता एवं अंतिम तिथि के बारे में जानकारी भेजी जाएगी।
कलेक्टर, सांसद विधायक करेंगे जागरूक
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 3 से 5 अक्टूबर तक जिला कलेक्टर द्वारा सभी विधायक सांसद/किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना की जानकारी दी जायेगी। बैठक के बाद स्थानीय मीडिया के साथ योजना के बारे में चर्चा, भावांतर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार, योजना में निहित लाभ की जानकारी एवं जन जागरण के लिए ट्रैक्टर रैली/मोटर साइकल रैली का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक कृषि उपज मंडी स्तर पर भारसाधक अधिकारी एवं मंडी सचिव द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान संगठन और व्यापारियों के साथ परिचर्चा की जायेगी।
मंडियों में स्थापित होंगे भावांतर सहायता डेस्क
सभी मंडियों में 15 अक्टूबर, तक भावांतर सहायता डेस्क स्थापित किये जायेंगे। 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक कृषकों के Testimonial के 30-30 सैकेंड के वीडियो/विश्वसनीयता के कार्य और सम्पूर्ण योजना पर सतत निगरानी एवं नेतृत्त्व किया जायेंगे।
योजना का दुरुपयोग रोकने नोडल अधिकारी
प्रत्येक मंडी के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति, योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापारी के स्टॉक की उपलब्ध रियल टाइम जानकारी का समय-समय पर सत्यापन, मॉडल रेट की सतत निगरानी जिससे कि अनावश्यक गिरावट न हो और भावांतर योजना के तहत खरीदे गए सोयाबीन का भुगतान बैंक खातों में सुनिश्चित किया जायेगा।






