न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने सरकार करेगी यह नवाचार, गृहमंत्री ने दिए संकेत

न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने सरकार करेगी यह नवाचार, गृहमंत्री ने दिए संकेत

भोपाल

मध्य प्रदेश की सरकार (MP government) पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एक नया कार्य करने जा रही है। दरअसल कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने आपकी एफआईआर (FIR) आपके द्वार योजना शुरू की थी जिसके तहत फरियादी को थाने जाए बिना उसकी रिपोर्ट घर आकर पुलिस लिखती है। अब इस योजना के बाद गृह मंत्रालय (home ministry) एक नई योजना पर काम कर रहा है, इसके तहत अब मामला दर्ज कराने वाले व्यक्ति यानी फरियादी (complainant) को भी वे तमाम दस्तावेज दिए जाएंगे जो उसे इस बात की जानकारी देंगे कि उसके केस में क्या-क्या चल रहा है।

दरअसल अभी तक जिस व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होता है उसी व्यक्ति को पुलिस की ओर से केस डायरी से संबंधित जानकारी दी जाती है ताकि वह अपना बचाव कर सके। अभी तक फरियादी (complainant) को इस प्रकार के दस्तावेज देने का किसी प्रकार का प्रावधान नहीं है इसके चलते फरियादी को यह पता ही नहीं चल पाता कि उसके मामले में क्या चल रहा है और आखिरकार न्याय उसे क्यों नहीं मिल पा रहा है। गृह मंत्रालय इस फैसले को जल्द लागू करेगा और उसे उम्मीद है कि इससे न केवल न्याय प्रक्रिया पारदर्शी होगी बल्कि व्यक्ति को यह अनुभूति भी होगी कि उसे वास्तव में न्याय मिल रहा है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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