मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया जारी है। अबतक प्रदेश में 6 लाख 91 हजार किसानों से 34 लाख 73 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 5462.42 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। वहीं 14 लाख 64 हजार किसानों द्वारा गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं।
जिन किसानों ने अबतक स्लॉट बुक नहीं किए हैं वे 23 मई 2026 तक कर सकते हैं। राहत की बात ये है कि रविवार को छोड़कर अब हफ्ते में छह दिन यानि सोमवार से शनिवार तक स्लॉट बुकिंग व उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
इस बार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। उपार्जित गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही PP/HDP बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।






