सिंधिया समर्थक चार मंत्रियों सहित कुछ विधायक कर सकते हैं घर वापसी

सिंधिया समर्थक चार मंत्रियों सहित कुछ विधायक कर सकते हैं घर वापसी

भोपाल। बेंगलुरु में मौजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए अपना सिर तक कटाने की कसम खाने वाले कुछ विधायकों की आस्था एक बार फिर कांग्रेस पार्टी में जुड़ सकती है। दरअसल इन 19 विधायकों में 6 निवर्तमान मंत्री हैं जिनमें तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभु राम चौधरी , महेंद्र सिंह सिसोदिया प्रद्युम्न सिंह तोमर और इमरती देवी शामिल हैं। खबर है कि इनमें से चार मंत्री कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं । इसके अलावा 13 में से कुछ विधायक भी कांग्रेस में वापस लौट सकते हैं।

इसका बड़ा कारण यह है कि अगर यह मंत्री अपने पद को छोड़ते हैं तो उपचुनाव लड़ने जनता के बीच जाना पड़ेगा और दोबारा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के टिकट पर उन्हीं लोगों का साथ लेना पड़ेगा, आज जिनके खिलाफ सवा साल पहले आग उगल कर चुनाव जीत कर आए हैं। दूसरा इनमें से कई यह बखूबी जानते हैं कि बीजेपी में रहना इतना आसान नहीं। वहां पर संघ और पहले से स्थापित भाजपा के नेताओं का सामना करना एक बड़ी चुनौती है ।अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे कमलनाथ भी जानते हैं कि इस बार सफल नहीं हुऐ तो जीवन की तमाम राजनीतिक काबिलियत और अब तक के अनुभव पर पानी फिर जाएगा इसलिये वो भी इन्हें वापस लाने के लिये हर कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अब तक कांग्रेस की ओर से पूरे पत्ते नही खोले गये है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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