MP में कोरोना का विकराल रूप, एक दिन में 42 लोगों की मौत, 2607 नए पॉजिटिव

MP में कोरोना का विकराल रूप, एक दिन में 42 लोगों की मौत, 2607 नए पॉजिटिव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) कोरोना (Corona) की रफ्तार अब बेकाबू हो गई है। हालात इतने भयावह हो गए हैं कि राज्य में शनिवार को पहली बार 24 घंटे के दौरान 42 मरीजों की मौत हुई है। वहीं प्रदेश में 2607 नए पॉजिटिव केस (Positive Case) सामने आए| इस तरह मध्य प्रदेश में अब तक एक लाख 3 हजार 65 मरीज कोरोना के शिकार हो चुके हैं। अब तक 1943 संक्रमित मरीजों की मौत कोरोना के कारण हो गई है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 19209 सैंपल की जांच की गई। जिसमे से 189 सैंपल रिजेक्ट हो गए। वहीं 16602 सैंपल नेगेटिव पाए गए। वहीं 2607 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। 24 घंटे के दौरान 42 मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक 79158 मरीज स्‍वस्‍थ होकर घर रवाना हो गए हैं। वहीं 21964 मरीजों का अब भी कोविड केयर अस्‍पताल में इलाज चल रहा है।

भोपाल, इंदौर ग्वालियर और जबलपुर में कोरोना से हालात बिगड़े हुए हैं| इंदौर में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 19125 हो गई। आज कोरोना से 7 लोगों की मौत हो गई। शनिवार को यहां 408 नए संक्रमित मरीज सामने आए। वहीं भोपाल में आज 263 नए संक्रमित मरीज सामने आए। वही आज 221 कोरोना मरीजो को डिस्चार्ज किया गया| 24 घंटे में 5 लोगों की मौत दर्ज हुई है| भोपाल में कुल मरने वालों की संख्या 354 हो गई है|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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