MP में कोरोना के 870 नए केस, भोपाल में 6 की मौत, इन जिलों में बिगड़े हालात

MP में कोरोना के 870 नए केस, भोपाल में 6 की मौत, इन जिलों में बिगड़े हालात

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) में कोरोना (Corona) का कहर जारी है, एक तरफ जहां संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है| वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है| राजधानी भोपाल (Bhopal) में आज कोरोना के नए मामलों में थोड़ी राहत मिली, लेकिन एक ही दिन में 6 लोगों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है| मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 870 नए कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) सामने आये हैं|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 20679 सैंपल की जांच की गई। जिसमे 122 सैंपल रिजेक्ट हो गए। वहीं 19809 सैंपल नेगेटिव और 870 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हे मिलाकर राज्य में अब संक्रमितों की कुल संख्या 41604 हो गई है|

पिछले 24 घंटे में 15 मरीजों की मौत हो गई। जिसके बाद अब तक मृतकों की संख्या 1048 हो गई है| 643 मरीज डिस्चार्ज किए गए। अब तक प्रदेश में 31239 मरीह कोरोना से जंग जीत चुके हैं| इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, उज्जैन, खरगोन, नीमच, खंडवा, रतलाम, रीवा, विदिशा, रायसेन, दतिया, बैतूल, होशंगाबाद, श्योपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, अलीराजपुर, सिंगरौली, सीधी, पन्ना, शहडोल, शिवनी और डिंडोरी में 10 से अधिक पॉजिटिव पाए गए हैं। रिपोर्ट में सिर्फ चार जिले ऐसे हैं जहां आज कोई नया केस नहीं मिला|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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