राज्यसभा चुनाव में भाजपा को झटका, दो वोटों का नुकसान

राज्यसभा चुनाव में भाजपा को झटका, दो वोटों का नुकसान

भोपाल| राज्यसभा चुनाव (RajyaSabha Election) को लेकर प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है| शुक्रवार को सुबह से हुई वोटिंग के बाद परिणाम का इन्तजार किया जा रहा है| इस बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है कि भाजपा (BJP) को दो वोटों का नुकसान हुआ है| एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि एक अन्य विधायक का वोट निरस्त हुआ है|

प्रदेश के गुना विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक गोपीलाल जाटव ने क्रॉस वोटिंग की है, उनका वोट कांग्रेस के पक्ष में गया है| हालाँकि उन्होंने इस मामले में संगठन को सफाई देते हुए कहा है कि उनसे गलती से क्रॉस वोटिंग हुई है| इसके अलावा रैगांव से भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया है|

क्रॉस वोटिंग की खबर से हड़कंप मच गया है| अब तक भाजपा कांग्रेस को झटका देने की तैयारी में जुटी हुई थी और विधायकों से कोई चूक न हो इसको लेकर प्रशिक्षण भी दिया गया | इसके बावजूद भाजपा को बड़ा झटका लगा है| बता दें कि राज्यसभा के लिए आज सुबह वोटिंग हुई थी, जिनकी गिनती शुरू है, इसी बीच ये बड़ी खबर सामने आयी है। विधानसभा में सुबह से विधायकगण मतदान के लिए पहुंच गए थे और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मतदान किया। इस दौरान यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई वरिष्ठ नेता व विधायक मतदान करने पहुंचे। आखिरी वोट कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने डाला। कुणाल चौधरी कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से पीपीई किट में मतदान करने पहुंचे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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