कांग्रेस ने बदली रणनीति, ‘अब 52 की जगह 54 विधायक दिग्विजय को वोट देंगे’

कांग्रेस ने बदली रणनीति, ‘अब 52 की जगह 54 विधायक दिग्विजय को वोट देंगे’

भोपाल| राज्यसभा (RajyaSabha) की तीन सीटों के लिए शुक्रवार को वोटिंग होनी है| उससे पहले भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है| तीन माह पहले हुए सियासी ड्रामा के चलते दोनों सियासी दल विशेष अलर्ट हैं। वहीं लगातार बदलते समीकरण के चलते अब कांग्रेस ने अपनीं रणनीति बदल दी है|

क्राॅस वोटिंग की आशंका के चलते ने कांग्रेस द्वारा पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की जीत सुनिश्चित करने के लिए 52 की जगह 54 विधायकों को वोट डालने के निर्देश दिए गए। हालाँकि पार्टी की ओर से दावा किया गया कि सभी विधायक एकसाथ हैं। कहीं कोई चूक न हो जाए, इसलिए दो अतिरिक्त विधायकों को दिग्विजय को ही वोट करने को कहा है। कांग्रेस ने अपने दोनों उम्मीदवारों में से पहली वरीयता दिग्विजय सिंह को दी है। दूसरी वरीयता फूल सिंह बरैया की है।

गुरूवार को एक बार फिर राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस विधायक इकठा हुए| एक दिन पहले कांग्रेस की पार्टी मीटिंग से गायब रहने वाले 5 विधायक भी पहुंच गए, जबकि कुणाल चौधरी कोरोना संक्रमित होने के कारण नहीं आए। वोटिंग से एक दिन पहले मॉल पोल किया गया| जिसमे सीनियर नेताओं ने विधायकों को वोट करने के बारे में बताया। उन्हें क्या-क्या और कैसे करना है- इसे करके दिखाया गया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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