Tweet ब्लॉक होने पर भड़के दिग्विजय, कहा ‘मैं जिम्मेदार नागरिक, आपत्तिजनक ट्वीट क्यों करूंगा’

Tweet ब्लॉक होने पर भड़के दिग्विजय, कहा ‘मैं जिम्मेदार नागरिक, आपत्तिजनक ट्वीट क्यों करूंगा’

भोपाल| ट्विटर (Twitter) के माध्यम से राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमले बोलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) अपने ट्वीट को ब्लॉक किये जाने से नाराज हो गए हैं| उन्होंने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ट्विटर प्रबंधन से जवाब माँगा है|

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि ट्विटर मेरे ट्वीट्स को यह कहते हुए ब्लॉक कर रहा है कि इसमें ‘संभावित रूप से संवेदनशील सामग्री शामिल है’ वो भी बिना बताए कि मेरे ट्वीट में संभावित रूप से संवेदनशील सामग्री क्या है? मुझे भारत के ट्विटर कंट्री हेड की प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।

दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा ‘नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ लिखना संवेदनशील मैटर है, तो आप राजनीति से प्रेरित हैं। ऐसा आपको अधिकार नहीं है। मैं पहले भी आपके प्रबंधन से इस सबंध में आपके व्यवहार की शिकायत कर चुका हैं, लेकिन उसका कोई जबाव नहीं आया है।

उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में खुद को जिम्मेदार नागरिक बताते हुए लिखा, मैं भारत का जिम्मेदार नागरिक हूं जिसे पांच बार सांसद चुना गया है और दो बार लोकसभा में चुना गया है और दो बार राज्यसभा से भी चुनकर भेजा गया हूं। मैं मध्य प्रदेश में मंत्री रहा हूं और दस साल राज्य का मुख्यमंत्री रहा हूं। मैं कोई आपत्तिजनक ट्वीट क्यों करूंगा?

https://twitter.com/digvijaya_28/status/1286245855624740864

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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