मप्र में 1 जुलाई से ‘किल कोरोना अभियान’ चलाएगी सरकार, घर-घर होगा सर्वे

मप्र में 1 जुलाई से ‘किल कोरोना अभियान’ चलाएगी सरकार, घर-घर होगा सर्वे

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) आगामी एक जुलाई से पूरे प्रदेश में ‘किल कोरोना अभियान’ (Kill Corona) शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत हर घर का सर्वे किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने फैसला किया है कि ‘कोविड मित्र’ को स्थानीय स्तर पर 1500 रुपए महीना दिया जाएगा| यह कन्टेनमेंट क्षेत्र और अन्य जगह की छह माह तक निगरानी करेंगे| स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने इस सम्बन्ध में जानकारी दी|

मंत्री डॉ मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश में हम कोरोना के क्षेत्र में लगातार सफल होते चले जा रहे हैं| उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कमिश्नर-कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तय किया है कि प्रदेश में एक जुलाई से किल कोरोना अभियान चलाया जाएगा। भोपाल से अभियान की शुरुआत की जाएगी। प्रदेश के सभी जिलों में वायरस नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता के इस महत्वपूर्ण अभियान में सरकार और समाज साथ-साथ कार्य करेंगे। किल कोरोना अभियान प्रत्येक परिवार को कवर करेगा। इसके लिए दल गठित किए जा रहे हैं। कोविड मित्र भी बनाये जायेंगे, जो स्वैच्छिक रूप से इस अभियान के लिये कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कुल दस हजार दल कार्य करेंगे। सर्वे दल अनुमानित दस लाख घरों में रोज जाएंगे। एक दल करीब 100 घरों तक पहुंचेगा। राज्य की शत-प्रतिशत आबादी को इस सर्वे से कवर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों से कहा कि सभी 52 जिलों में एक जुलाई से कोरोनावायरस नियंत्रण अभियान संचालित किया जाए। इस कार्य में पुलिस महकमे, समाजसेवियों की भी मदद ली जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिलों और संभागों में आईजी और कमिश्नर्स भी कोरोना नियंत्रण पर निगाह रखें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के करीब 14 हजार महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर सर्वे कार्य की अहम जिम्मेदारी रहेगी।

डोर-टू-डोर सर्वे में सभी का सहयोग प्राप्त करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को कोरोना के नियंत्रण में अन्य राज्यों की तुलना में सफलता भी मिली है। लेकिन सजगता का स्तर बना रहे और सभी आवश्यक उपायों को अपनाते रहें, यह बहुत आवश्यक है। प्रदेश में अब डोर-टू-डोर विस्तृत सर्वे के माध्यम से संदिग्ध रोगी की शीघ्र पहचान और उपचार का कार्य अधिक आसान हो जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रोथ रेट और एक्टिव प्रकरणों की संख्या कम है। मध्यप्रदेश 76.1 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ देश में दूसरे क्रम पर है। वायरस के इस स्प्रेड को रोकने में कामयाबी मिली है।

आमजन भी बने सहयोगी
मुख्यमंत्री शिवराज ने आमजन से भी अपील की है कि ‘किल कोरोना अभियान” में अपना सहयोग प्रदान करें। घर-घर पहुंच रहे सर्वे दल को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करें। इस सर्वे में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। सर्दी-खांसी जुकाम के साथ ही डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि के लक्षण पाये जाने पर भी जरूरी परामर्श और उपचार नागरिकों को मिल सकेगा। सार्थक एप का उपयोग कर इन जानकारियों की प्रविष्टि की जाएगी।

प्रदेश का ग्रोथ रेट सबसे कम
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश की ग्रोथ रेट 1.43 है। यह सभी राज्यों से बेहतर है। वैसे तो प्रदेश में गत 5 सप्ताह से वायरस के नियंत्रण में तेजी आयी है, लेकिन निरंतर प्रत्येक स्तर पर किये गये प्रयासों से प्रदेश की स्थिति बेहतर बन सकी है। देश की आबादी में कभी मध्यप्रदेश के 6 प्रतिशत रोगी होते थे जो आज मात्र 1.3 प्रतिशत ही हैं। इंदौर नगर से देश के कुल कोविड रोगियों में 6.3 प्रतिशत शामिल थे, जो अब मात्र 01 प्रतिशत हैं। भोपाल और उज्जैन नगरों में भी नियंत्रण के प्रयास काफी सफल हुए हैं। एक्टिव प्रकरणों में जहाँ भारत का प्रतिशत 40 है वहीं मध्यप्रदेश में सिर्फ 19 प्रतिशत एक्टिव प्रकरण ही शेष हैं। इसका अर्थ है वायरस की तीव्रता भी कम हो रही है और मध्यप्रदेश संक्रमण का प्रकोप रोकने में अधिक सफल है। प्रदेश के 33 जिलों में 10 से कम एक्टिव केस हैं।

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