सिंधिया का कांग्रेस पर पलटवार, लगाया यह आरोप

सिंधिया का कांग्रेस पर पलटवार, लगाया यह आरोप

भोपाल| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच प्रदेश की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है| अब तक कांग्रेस (Congress) सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को लेकर निशाना साध रही थी| अब सिंधिया ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया है| सिंधिया ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि संबल योजना (Sambal Yojna) को कांग्रेस ने राजनीतिक द्वेषता के कारण बंद कर दिया था|

दरअसल, असंगठित श्रमिकों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना फिर से प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना का मंगलवार को औपचारिक शुभारंभ किया। संबल योजना 2018 में प्रारंभ की गई थी जिसे बाद में कमलनाथ सरकार ने बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों संबल योजना पुन: शुरू करने की घोषणा की थी जो अब शुरू हो गई है।
संबल योजना को दोबारा शुरू करने पर राजनीति भी शुरू हो गई है| कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने योजना को दोबारा शुरू किया गया| इस बीच सिंधिया ने भी कांग्रेस पर ट्वीट कर हमला बोला|

राजनीतिक द्वेषता के कारण कांग्रेस सरकार ने बंद किया
सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा ‘मुख्यमंत्री संबल योजना सभी वर्ग के गरीब के लिए है।आमजन के कल्याण के बनी इस योजना को राजनीतिक द्वेषता के कारण पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया था। जिसे आज शिवराज सिंह जी ने आमजनता के लिए एक बार इस योजना को शुरू किया’। उन्होंने आगे लिखा ‘संबल योजना के तहत गरीब भाई-बहनों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई का खर्च मप्र सरकार उठाएगी। उच्च शिक्षा के लिए प्राइवेट कालेज की फीस भी सरकार भरेगी। गरीब अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें’।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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