‘टाइगर अभी ज़िंदा है’ पर ट्रोल हुए सिंधिया, यूज़र्स सुना रहे खरी-खोटी

‘टाइगर अभी ज़िंदा है’ पर ट्रोल हुए सिंधिया, यूज़र्स सुना रहे खरी-खोटी

भोपाल| शिवराज सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का दबदबा साफ़ नजर आ रहा है| कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये पूर्व विधायकों को सिंधिया मंत्री बनाने में सफल हुए| कांग्रेस उनकों लेकर लगातार सवाल उठा रही थी| लेकिन सिंधिया ने कैबिनेट विस्तार में अपने कट्टर समर्थकों को शामिल कराकर अपनी ताकत का एहसास करा दिया| इसी उत्साह में सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज के अक्सर बोले जाने वाले डायलॉग ‘टाइगर अभी ज़िंदा है’ (Tiger abhi Zinda hae) को दोहराया| लेकिन इस डायलॉग को लेकर सिंधिया सोशल मीडिया पर ट्रोल (Scindia Troll) हो गए हैं|

दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजभवन से बाहर निकले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला| उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसे प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की चिंता नहीं है। कांग्रेस तो सिंहासन के लिए छटपटा रही है। सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चेतावनी देते हुए कहा ‘टाइगर अभी जिंदा है’। इसके बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होने फिर कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सुन लो ‘टाइगर अभी जिन्दा है’| सिंधिया अपने ट्विटर अकाउंट इसका वीडियो भी शेयर किया है| लेकिन सिंधिया अपने बयान को लेकर ट्रोल हो गए|

सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर यूजर तीखी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं| कुछ उनके कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने और कांग्रेस को धोखा देने पर सवाल उठा रहे हैं| तो कुछ का कहना है कि शिवराज भी खुद को टाइगर कहते हैं, अब असली टाइगर कौन है| एक यूजर ने तो उन्हें विभीषण तक कह दिया| वहीं एक यूजर ने कहा टाइगर बिकते नहीं आप बिक गए| ट्रोलर्स की लिस्ट लम्बी है| फिलहाल उनके ‘टाइगर’ वाले बयान से जहां सियासी गलियारे में चर्चा जोरो पर है, वहीं ट्रोलर उन्हें लगातार ट्रोल कर रहे हैं|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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