सोशल मीडिया पर इस कारण ट्रोल हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया

सोशल मीडिया पर इस कारण ट्रोल हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल। कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में आये दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (JYotiraditya Scindia) ट्विटर पर ट्रोल हो गए| एक गलत ट्वीट पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया| सोमवार को बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार वाजिद खान (Wajid Khan) का निधन हो गया| इसको लेकर सिंधिया ने भी शोक जताया लेकिन ट्वीट करते समय उनसे एक चूक हो गई| उनके ट्वीटर हैंडल से वाजिद की जगह साजिद नडियाडवाला को #हैशटैग के साथ शोक संवेदना व्यक्त कर दी गई।

वाजिद खान की जगह साजिद नडियाडवाला को हैशटैग के साथ शोक संवेदना व्यक्त करने वाले ट्वीट पर लोगों के कमेंट आने शुरू हो गए| सिंधिया को ट्रोल किया जाने लगा| हालाँकि गलती का एहसास होते ही चंद मिनट में ही उन्होंने अपना ट्वीट डिलिट कर दिया और दो मिनट बाद ही सुधारकर दूसरा ट्वीट जारी किया।

बालीवुड में साजिद-वाजिद संगीतकारों की जोड़ी प्रसिद्ध है| इस जोड़ी ने कई बड़ी फिल्मों में संगीत दिया है| इस बीच संगीतकार वाजिद खान का सोमवार को तड़के निधन हो गया| उनके निधन पर हस्तियों से लेकर उनके समर्थक तक शोक जाहिर कर रहे हैं| सिंधिया ने भी सोमवार को संगीतकार वाजिद खान के लिए शोक संवेदना ट्वीट हैंडल से जारी की। अंत में गलती हो गई और उन्होंने आरआईपी लिखकर हैशटैग के साथ साजिद नडियाडवाला लिख दिया। यह ट्वीट 12.38 मिनट पर जारी हुआ था, इसमें 213 लोगों ने लाइक किया और बाकी लोग जैसे ही कमेंट्स करने लगे। कुछ लोग गलती के लिए ट्वीट पर ही कमेंट्स करने लगे। जब तक 10 लोग उनके ट्वीट पर कमेंट्स कर चुके थे। हालांकि चंद मिनट में ही यह ट्वीट डिलिट कर दिया गया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews