सागर में जिंदा जलाए गए युवक की मौत, राकेश बोले-सरकार ने की इलाज में लापरवाही

सागर में जिंदा जलाए गए युवक की मौत, राकेश बोले-सरकार ने की इलाज में लापरवाही

भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में धर्म विशेष के तीन लोगों द्वारा मिलकर 14 जनवरी को आपसी रंजिश में जलाए गए युवक धनप्रसाद अहिरवार की इलाज के दौरान बुधवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई। युवक को मंगलवार रात एयरलिफ्ट कर भोपाल से दिल्ली ले जाया गया गया था। धनप्रसाद की मौत के बाद अब एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने धनप्रसाद की मौत के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया है और सांप्रदायिक तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए जमकर लताड़ा है।

राकेश सिंह ने गुरुवार सुबह एक के बाद कई ट्वीट कर धनप्रसाद की मौत पर दुख जताते हुए कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। राकेश सिंह ने ट्वीट कर लिखा ‘कमलनाथ सरकार की सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने अंतत: अनुसूचित जाति के बंधु धनप्रसाद जी के प्राण ले लिए। सम्प्रदाय विशेष द्वारा जिंदा जला दिए गए धन प्रसाद के अपराधियों को पकडऩा तो दूर, सरकार ने उन्हें ठीक से इलाज भी मुहैया नहीं कराया। यह अत्यंत दु:खद और शर्मनाक है’। हमारे विधायक प्रदीप लारियाजी ने धनप्रसाद जी के दु:खद निधन का समाचार दिया। मैं स्तब्ध हूँ, दुनिया से जाने की उम्र नही थी उनकी,लेकिन कांग्रेस सरकार ने इलाज में लापरवाही बरती। राष्ट्रीय अनुसूचितआयोग निर्देश न देता तो पीडि़त को दिल्ली भी नहीं भेजा जाता। ये सरकार का बेहद अमानवीय चेहरा है।

कमलनाथ सरकार पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए राकेश सिंह ने कहा कि ‘यदि सागर के धनप्रसाद हिंदू नहीं होते,तो कमलनाथ सरकार एक पैर पर खड़े होकर उनके इलाज व सेवा में लगी होती। लेकिन दुर्भाग्य से इस सरकार के रहते अपराध व मानवता को भी सांप्रदायिक चश्मे से देखा जाता है। सरकार की सांप्रदायिक नीति हमारे अनुसूचितजाति के बंधु के जीवन पर भारी पड़ गई’।

गौरतलब है कि 14 जनवरी को सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में दो पक्षों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। धर्मश्री क्षेत्र में कुछ लोगों ने एक युवक के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और फिर केरोसिन डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में धनप्रसाद अहिरवार का पड़ोस में रहने वाले इरफान खान, कल्लू अज्जू को गिरफ्तार किया था। इस मामले को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन किया था।

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