
भोपाल| मध्य प्रदेश के उज्जैन में कोरोना विकराल रूप धारण कर चुका है| यहां तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा सरकार की परेशानी बना हुआ है, यही वजह है कि अधिकारी सरकार के निशाने पर आ गए हैं| कलेक्टर रहे शशांक मिश्रा के बाद अब उज्जैन के एसपी सचिन अतुलकर को भी सरकार हटा सकती है।
दरअसल उज्जैन में जिस तरह से कोरोना फैला और 204 संक्रमित मरीजों में से अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है उसको लेकर मुख्यमंत्री काफी खफा है और उनका मानना है कि प्रशासन इस मामले में पूरी तरह फैल रहा है। उज्जैन सीएमएचओ को भी हटाया जा चुका है और अब बारी सचिन अतुलकर की है। उम्मीद की जा रही है कि थोड़ी देर बाद ही सचिन अतुलकर को हटाने के आदेश जारी हो सकते हैं।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

