सिंधिया के मप्र आने की चर्चा से हलचल तेज, कांग्रेस को लग सकता है झटका!

सिंधिया के मप्र आने की चर्चा से हलचल तेज, कांग्रेस को लग सकता है झटका!

भोपाल| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) को लेकर तैयारियां तेज हो गई है| इस बीच लॉक डाउन (Lockdown) के दौरान दिल्ली से ही सक्रिय रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के मध्य प्रदेश आने की चर्चा है| सिंधिया समर्थकों के अनुसार 1 जून को ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल आ रहे हैं| सिंधिया के दौरे से पहले चर्चा है कि उनके आने के बाद कांग्रेस के कई बड़े नेता बीजेपी में शामिल होंगे। हाल ही में 250 से अधिक कांग्रेसियों ने भाजपा की सदस्यता ली है|

कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक ही बार मप्र आये हैं| राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद वह दिल्ली लौट गए थे। इसके बाद लॉकडाउन के कारण सिंधिया दिल्ली में ही हैं| इस बीच ग्वालियर क्षेत्र में उनके गुमशुदा के पोस्टर लगने से सियासत गरमाई हुई है| कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया 1 जून को मध्यप्रदेश दौरे पर आ सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे।

मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज
प्रदेश में कोरोना संकट के साथ ही उपचुनाव और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं गर्म हैं| कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही शिवराज कैबिनेट का विस्तार होगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भी राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की है। सिंधिया इस दौरान साथ रह सकते हैं| सिंधिया समर्थकों के मंत्री बनना तय माना जा रहा है| खबर है कि भोपाल दौरे पर सिंधिया अपने समर्थक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाएंगे। इसके साथ ही वो आगे की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे।

भाजपा का दामन थाम सकते हैं कई कांग्रेसी
सिंधिया के आने पर कांग्रेस के पूर्व विधायकों से लेकर कई जिलाध्यक्ष बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। इससे पहले रायसेन और गुना जिले के 250 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो चुके हैं| दो पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में यह कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे थे| कहा जा रहा है कि यह अभी शुरुआत है, आने वाले समय में कांग्रेस में बड़ी सेंध की तैयारी है| सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद उनके समर्थक भी भाजपा में जा सकते हैं| प्रदेश में उनके समर्थकों की काफी संख्या है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews