प्रदेश में अब झमाझम के आसार, 11 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

प्रदेश में अब झमाझम के आसार, 11 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में एक बार फिर बारिश (Rain) की गतिविधियां तेज हो रही है| दिन में चटक धूप और उमस से बेहाल लोगों को बारिश से राहत मिलेगी| प्रदेश में मौसम (Weather) में बदलाव नजर आ रहे है इसी के चलते नमी मौजूद रहने से प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (Weather Department) ने अगले 24 घंटे में 11 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है| इसके अलावा अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना जताई है| इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने की भी चेतावनी है|

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, विदिशा, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच एवं मंदसौर जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है| इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, संभागों के जिलों में तथा सागर, दमोह, होशंगाबाद, बेतूल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी एवं श्योपुर जिले में गरज चमक के साथ बिजली चमकने एवं गिरने की संभावना जताई गई है|

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल उज्जैन जबलपुर एवं सागर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा से शेष संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई है| रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन, संभागों के जिलों में ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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