कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक की हालत में सुधार, अब खतरे से बाहर

कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक की हालत में सुधार, अब खतरे से बाहर

भोपाल|  कोरोना (Corona) के संक्रमण के चलते पिछले 15 दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ ग्वालियर दक्षिण से कान्ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) की स्थिति अब पहले से बेहतर है । फिलहाल उनकी दोनों कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है और अब उन्हें आईसीयू से निकालकर प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है | जहां से उम्मीद है कि उन्हें दो-चार दिन में छुट्टी मिल जाएगी ।

दरअसल 15 दिन पहले ग्वालियर में प्रवीण पाठक के गनमैन कोरोना पॉजिटिव आए थे जिसके बाद उन्होंने अपनी जांच कराई लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। हालांकि कुछ समय ही उन्हें स्वास्थ्य को लेकर कई समस्याएं दिखने लगी थी। इसके बाद वे पहले भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए लेकिन स्वास्थ्य बिगड़ता ही चला गया और उसके बाद उन्हें चिरायु मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया ।जांच के बाद जब उन्हें कोरोना होने का पता चला ।उसके बाद उनकी स्थिति काफी खराब हो गई थी ।अपनी निर्भीक और ईमानदार छवि व कार्यशैली के चलते जनता के बीच में एक अलग स्थान बनाने वाले प्रवीण पाठक को लेकर क्षेत्र की जनता चिन्तित थी। ग्वालियर में कई जगह पर उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाएं लगातार जारी थी। चिरायु मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉक्टर अजय गोयनका का कहना है कि अब प्रवीण की हालत खतरे से बाहर और बेहतर है और वे जल्द स्वस्थ होकर अस्पताल से रवाना होंगे।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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