एडीजी ने बताया “कोरोना काल में पुलिस कैसे बनी योद्धा”

एडीजी ने बताया “कोरोना काल में पुलिस कैसे बनी योद्धा”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| कोरोना काल के दौरान देश भर में पुलिस ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए इस लड़ाई में एक ‘योद्धा’ की भूमिका निभाई है, इसीलिए आज पुलिसकर्मियों को ‘कर्मवीर’ कहा जाता है| संकट के समय विपरीत परिस्थितियों में भी पुलिस सड़कों पर तैनात रही| जिसकी देश भर में प्रशंसा हो रही है| इसी मुद्दे पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष शंकर शर्मा (ADG Manish Shanker Sharma) ने लोकसभा टीवी (Loksabha TV) के ख़ास कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये|

लोकसभा TV द्वारा संसद सत्र के प्रारम्भ पर “कोरोना काल के कर्मवीर” पुलिस के मानवीय और सकारात्मक कार्यों पर विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी और मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष शंकर शर्मा ने अपने विचार साझा किये और पुलिस के मानवीय और संवेदनशील पहलू पर भी चर्चा की| उन्होंने बताया कि पुलिस का कार्य बहुत विकट होता है| आम समय में भी पुलिस के कार्य से अमूमन कोई भी पक्ष खुश नहीं रहता है, किसी पक्ष में रिपोर्ट लिखी वो भी नाराज और जिसकी रिपोर्ट नहीं लिखी वो भी नाराज रहता है| कोरोना काल में पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा देश के समाज के काम में सामने आया है| राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने भी पुलिस के सराहनीय कार्य को सामने लाया है, इससे एक पॉजिटिव सन्देश मिला है| कोरोना की लड़ाई में एक हीरों बनकर पुलिस उभरी है, इस छवि को आगे भी बनाये रखना होगा|

बता दें कि अनेकों अवार्ड से सम्मानित मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी मनीष शंकर शर्मा को हाल ही में देश की निजी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी सर्वोच्च संस्था सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (कैप्सी) की ओर से प्रतिष्ठित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में शर्मा मध्यप्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) के रूप में राज्य के निजी सुरक्षा एजेंसियों के नियंत्रक प्राधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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