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जीतू पटवारी के बाद अब उमंग सिंघार की ज़बान फिसली, अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा “मुख्यमंत्री के कलेक्टर घोड़े हो गए हैं बेलगाम”

Written by:Shruty Kushwaha
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मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता लगातार अधिकारियों पर टिप्पणियां कर रहे हैं। अधिकारियों पर पहली बार सवाल नहीं उठाए जा रहे, न ही पहली बार उनपर सत्ता के पक्ष में काम करने के आरोप लग रहे हैं। लेकिन विरोध की भी भाषा होती है और दो दिनों में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं ने इस भाषाई मर्यादा को तोड़ दिया है। एक तरफ तो वो अधिकारियों की कमियां गिना रहे थे..लेकिन उनके शब्द चयन कुछ ऐसे रहे कि अब वो खुद निशाने पर आ गए हैं।
जीतू पटवारी के बाद अब उमंग सिंघार की ज़बान फिसली, अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा “मुख्यमंत्री के कलेक्टर घोड़े हो गए हैं बेलगाम”

Umang Singhar

पहले जीतू पटवारी और अब उमंग सिंघार..मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता लगातार अधिकारियों को नसीहत दे रहे हैं। और नसीहत देने के क्रम में उनकी ज़बान कुछ ऐसी फिसली कि उनका दांव उल्टा उन्हीं पर पड़ गया। पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “आईएएस अपनी चड्डी के बटन लगाकर रखे” और फिर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि “मुख्यमंत्री के सारे कलेक्टर घोड़े बेलगाम हो गए हैं”।

एक दिन पहले ही जीतू पटवारी के एक तीखे बयान ने राज्य की सियासत में तूफान ला दिया है। आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस के बीच नौकरशाही पर कसे उनके तंज की भाषा ने फिर राजनीति में भाषाई मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए। वो मामला अभी ठंडा पड़ा भी नहीं कि उमंग सिंघार के बयान ने भी आग में घी का काम कर दिया है। विपक्षी नेताओं के ये बयान अब चर्चाओं में हैं और बीजेपी इसकी जमकर आलोचना कर रही है।

जानिए क्या कहा जीतू पटवारी ने

हाल ही में जीतू पटवारी ने प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र पर हमला बोलते हुए आईएएस अधिकारियों को अपने निशाने पर लिया। लेकिन वो कुछ ऐसा बोल गए कि खुद निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि “व्यक्ति खूब मेहनत करके आईएएस बनता है। सारी ट्रेनिंग होती है उनकी। उसके बाद शासन व्यवस्था कैसी चलती है उसके लिए उन्हें एक सर्विस बुक दी जाती है। उसके रूल के हिसाब से उनको काम करना होता है। देखने में आता है कि ज़िलो में पोस्टिंग के दौरान 70 से 90% आईएएस बीजेपी का बाजा बजा रहे हैं..सरकार का बाजा बजा रहे हैं और विपक्ष पर यातनाएं करते हैं। जो आईएएस चड्डी पहनकर घूम रहे हैं वो अपनी चड्डी के बटन लगाकर रखें। मैं आग्रह कर रहा हूं कि आप सबको सुधरना पड़ेगा। सर्विस रूलबुक को मानना पड़ेगा। समय एक जैसा नहीं रहता ये सब जानते हैं। इसलिए वो सर्विस रूलबुक का निर्वाह करें।”

उमंग सिंघार की भी ज़बान फिसली

अब उमंग सिंघार ने अधिकारियों को लपेटे में लेते हुए उन्हें बेलगाम घोड़ा बोल दिया है। उन्होंने कहा है कि “मुख्यमंत्री जी के जितने भी कलेक्टर घोड़े हैं..ये घोड़े बेलगाम हो गए हैं। लगाम है नहीं। इस कारण अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। कई अच्छे अधिकारी भी हैं जिनको फील्ड पोस्टिंग नहीं जी जाती है। जो फील्ड में हैं उनपर राजनीतिक दबाव होते हैं। जब कलेक्टर सरकार की ओर से जनसुनवाई करते हैं तो उनको गंभीर होना चाहिए और तत्काल निराकरण करना चाहिए।” इस तरह अब उमंग सिंघार ने भी ऐसी भाषा का प्रयोग किया है जिसपर आपत्तियां उठने लगी हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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