उत्तर प्रदेश के नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अब नोएडा से हवाई सफर करने का सपना पूरा होने वाला है क्योंकि 15 जून से उड़ान सेवाएं शुरू होने वाली हैं। ‘इंडिगो’ यहां से पहली यात्री उड़ान संचालित करेगा। उड़ाने शुरू होने की खबर नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी है। यह संचालन पीएम मोदी द्वारा एयरपोर्ट के उद्घाटन और नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो से एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की मंजूरी मिलने के बाद शुरू हो रहा है।
बता दें कि इंडिगो के बाद जल्द ही आकाशा और एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइन भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। उड़ान शुरू करने के लिए वर्तमान में करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके हैं। नोएडा से कई बड़े शहरों के लिए उपलब्ध होंगी। उड़ानोंं की शुरुआत होना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने, आर्थिक विकास में मदद करने और पूरे इलाके में पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए मौके बनाने की दिशा में भी एक जरूरी कदम है। शेड्यूल, गंतव्य और यात्री सेवाएं के बारे में और जानकारी सही समय पर शेयर की जाएगी।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा आधुनिक टर्मिनल अवसंरचना, कुशल संचालन और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को जोड़ता है। एयरपोर्ट को यात्रियों को आसान सफर देने के लिए बनाया किया गया है, साथ ही एयरलाइन को भरोसेमंद और किफायती संचालन में मदद भी दी जाती है।
क्या है इस हवाई अड्डे की खासियत?
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था। लगभग 1334 हेक्टेयर में फैला यह हवाई अड्डा एरिया के हिसाब से देश का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है और ये हाईटेक नेविगेशन सिस्टम से लैस है, जिसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग शामिल हैं जो चौबीसों घंटे हर मौसम में संचालन को सक्षम बनाती है। प्रस्थान क्षेत्र में यात्रियों के लिए चेक‑इन काउंटर, बोर्डिंग पास काउंटर, सामान छोड़ने का क्षेत्र और सुरक्षा जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। यहां सीआईएसएफ की निगरानी में स्कैनर और चेकिंग गेट लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक न हो।





