फिर छलका अजय सिंह का दर्द, बोले- ”अपनी ही सरकार में मेरी सुनवाई नहीं”

AJAY SINGH

भोपाल।

एमपी(madhypradesh) में कांग्रेस(congress) की सत्ता होने के बावजूद कई नेताओं को पार्टी द्वारा दरकिनार किया जा रहा है, जिसके चलते समय समय पर उनका दर्द छलक आता है। अब देश भर की राजनीति के चाणक्य (chanakya) माने जाने वाले मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री (ex chief minister) स्वर्गीय अर्जुन सिंह (late arjun singh) के पुत्र और पहले कान्ग्रेस सरकार में मंत्री-विधायक रह चुके अजय सिंह (ajay singh) उर्फ राहुल भैया इन दिनों अपनी ही सरकार से खफा है ।

दरअसल विधानसभा (assembly) और लोकसभा (loksabha) का चुनाव हारने के बावजूद उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भाजपा (bjp) की सरकार में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके अजय सिंह सीधी जिले के रामपुर नैकिन में जनता को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी तब हमने भी सोचा था कि हम युवाओं की बेरोजगारी दूर करेंगे, सिंचाई के साधन बढ़ाएंगे ,हमारी बहुत इच्छा थी कि हम भी कुछ काम करेंगे लेकिन आज हमारी ही सुनवाई नहीं हो रही है। सब कुछ ठीक होने के बाद भी सब कुछ ठीक नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiradiytya scindia) के बाद कांग्रेस के एक और दिग्गज का यह बयान पार्टी के लिए कहीं न कहीं खतरे की घंटी है और यह सब बताता है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।

बता दे कि यह पहला मौका नही है, इससे पहले भी अजय सिंह का दर्द मीडिया और कार्यकर्ताओं के सामने छलका है।बीते दिनों ही एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि ना मैं मंत्री हूं और ना ही विधायक ।मेरे पास तो वो लोग आते है जिनकी कोई नहीं सुन रहा है। हां मेरे पास, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आते है, जो अपनी बात कहना चाहते है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews