कैसे आया चर्चाओं में महिलाओं के लिए शराब की दुकान खोलने का मुद्दा

कैसे आया चर्चाओं में महिलाओं के लिए शराब की दुकान खोलने का मुद्दा

गुरुवार की दोपहर से ही मध्यप्रदेश में यह चर्चा गर्म हो गई कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए अलग से शराब की दुकान खोलने जा रही है। थोड़ा समय और बीता कि इसको लेकर बीजेपी के नेताओं के सरकार के ऊपर ट्विट आने लगे। आरोप लगाए जाने लगा कि सरकार किसी भी सीमा तक अब राजस्व के लिए जा सकती है और महिलाओं को भी शराब परोसने की तैयारी कर रही है । अब हम आपको बताते हैं कि इस मामले का सच क्या है।

दरअसल राज्य सरकार जब शराब नीति बना रही थी तब अधिकारियों के सामने एक प्रश्न यह आया कि महिलाओं में भी कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो शराब का सेवन करती हैं लेकिन उनके लिए शराब की दुकानों पर जाना सुरक्षित नहीं। ऐसी स्थिति में सरकार ने निर्णय लिया कि भोपाल में दो, इंदौर में दो, जबलपुर और ग्वालियर में एक-एक दुकान “बीओआई यानि बोटल्स इन ओरिजन” खुलेंगी। यह दुकाने सुरक्षित स्थानों जैसे मॉल या सिर्फ शॉपिंग कंपलेक्स में खोले जाएंगी और दुकानें बेहद सुरक्षित और साफ-सुथरी होंगी और जहां पर कोई भी व्यक्ति जाकर चाहे वह महिला ही क्यों न हो शराब ले सके। एक बात और, इन शराब की दुकानों पर केवल आयतित शराब ही बिकेगी जिसकी मॉनिटरिंग आबकारी विभाग के द्वारा ही होगी। मध्य प्रदेश के वाणिज्य कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने भी स्पष्ट कर दिया है कि मध्य प्रदेश की सरकार की किसी भी प्रकार से महिलाओं के लिए शराब की दुकान खोलने की योजना नहीं है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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