‘M’ नाम के सभी तानाशाह गिनाकर घिरे राहुल गांधी, थाने पहुंचा मामला

‘M’ नाम के सभी तानाशाह गिनाकर घिरे राहुल गांधी, थाने पहुंचा मामला

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ट्विटर पर पूछे गए सवाल को लेकर खुद घिर गए हैं| एक तरफ सोशल मीडिया पर लोगों उन्हें ट्रोल करते हुए जवाब दे रहे हैं| वही मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में वरिष्ठ पत्रकार ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायती आवेदन दिया है और कार्रवाई की मांग की है|

दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार सुबह ट्वीट कर पूछा था कि आखिर कई तानाशाहों का नाम अंग्रेजी के एक ‘M’ अक्षर से ही शुरू क्यों होता हैं। इस ट्वीट के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को घेरना शुरू कर दिया| लोगों ने राहुल से पूछा कि ‘एम’ नाम के सभी तानाशाह तो, मोहनदास करमचंद गांधी, मोती लाल नेहरू और मनमनोहन सिंह कौन हैं| वहीं ‘म’ शब्द से शुरू होने वाले नाम वाले लोगों के अपमान के आरोप लगने लगे| इस बीच शाजापुर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज पुरोहित ने थाना लालघाटी पर जाकर सांसद राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है| उनका कहना है कि मेरा नाम भी ‘M’ से शुरू होता है, राहुल गांधी की टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं, राहुल गांधी का ट्वीट पढ़कर लोग उनके नाम का उपहास उड़ा रहे हैं|

राहुल गांधी के इस ट्वीट पर मचा बवाल
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि आखिर ज्यादातर तानाशाहों के नाम अंग्रेजी के एक ‘M’ (हिंदी में ‘म’) अक्षर से ही शुरू क्यों होता हैं। इस सवाल के साथ ही उन्होंने मार्कोस, मुसोलिनी, मिलोसेविच, मुबारक, मोबुतु, मुशर्रफ और माइकॉम्बेरो आदि तानाशाहों के नाम भी गिनाए थे| उनके इसी ट्वीट पर अब बवाल शुरू हो गया है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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