Tweet Attack: चर्चाओं में जयभान सिंह पवैया का एक और ट्वीट, सियासी हलचल तेज

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भोपाल।
पूर्वमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया (Former minister and senior BJP leader Jaibhan Singh Powaiya) का एक और ट्वीट सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।अब पवैया ने कांग्रेस के अंदर चल रही अंतर्कलह को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  (Congress President Sonia Gandhi) पर तंज कसा है।पवैया ने ट्वीट के माध्यम से सोनिया को नसीहत दी है कि वे अपनी रुठी हुई सांतनों को संभाले , बीजेपी कब तक इन पर प्यार अपने हिस्से का प्यार लुटाएगी।इसके साथ ही उन्होंने सोनिया का फोटो भी अपने ट्वीट पर लगाया है।

पवैया ने ट्वीट कर लिखा है कि ”हे काँग्रेस की राजमाता !अपने कुनबे को सम्हालिये ना !आखिर आपकी रूठी हुई राजनीतिक संतानो को हम अपनो के हिस्से का कितना प्यार लुटाते रहेंगे ? यदि नहीं सम्हलता तो किसी दिवालिया फर्म की तरह कांग्रेस प्रायवेट लि. का शटर डाउन क्यों नहीं कर देतीं ? आप और देश दोनो ही शुकून में रहेंगे।” भले ही पवैया ने सोनिया को टारगेट करके ट्वीट किया हो लेकिन सियासी गलियारों में इसके कई मयाने निकाले जा रहे है। इस ट्वीट में हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सिंधिया और उनके समर्थकों को ज्यादा मिलता प्यार, अपनों की अनदेखी से पवैया की नाराजगी साफ छलक रही है।

यह पहला मौका नही है, चुंकी कुछ दिन पहले पवैया ने सिंधिया समर्थक मंत्रियों के सिंधिया की छतरी पर जाने लेकिन वीरांगना लक्ष्मी की समाधि पर ना जाने पर निशाना साधा था।बता दे कि  सिंधिया और लक्ष्मीबाई के इतिहास को लेकर पवैया सिंधिया परिवार के घोर विरोधी रहे हैं। बताया जा रहा है कि पवैया सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से खुश नहीं हैं। हालांकि खुले तौर पर अभी कुछ नहीं बोल रहे हैं।

कांग्रेस ने किया पलटवार

पवैया के इस ट्वीट पर बीजेपी ने चुप्पी साध रखी है लेकिन कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने पलटवार किया है।मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा है कि वैयाजी,साधुवाद-भारतीय पारिवारिक-राजनैतिक व्यवस्थाओं में साम्य है,मां का एक बेटा श्रवण कुमार तो दूजा विकास दुबे है,मां ने दूसरे के एनकाउंटर के बाद अंत्येष्टि से भी दूरी बना ली थी,कांग्रेस की मां भी सपूत-कपूत के अंतर को समझ चुकी है,इंतज़ार है जनता द्वारा किये जाने वाले एनकाउंटर का

इससे पहले सिंधिया समर्थकों पर साधा था निशाना
दरअसल, बीते दिनों भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह (Senior BJP leader and former minister Jaibhan Singh) ने एक ट्वीट और किया था जिसमें लिखा था कि ‘मध्य प्रदेश के नए मंत्री गण जब ग्वालियर आए तो वीरांगना लक्ष्मी बाई की समाधी पर दो फूल चढ़ाने क्यों नहीं गए? याद रखें यह प्रजातंत्र और मंत्री परिषद शहीदों के लहू से ही उपजे है इतना तो बनता है।बता दे कि सिंधिया समर्थक मंत्री प्रदुम्मन सिंह तोमर और ओपीएस भदौरिया ग्वालियर में सिंधिया की छतरी पर पुष्पांजलि के लिए गए थे। इसी के बाद पवैया ने यह ट्वीट किया।जिस पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा था कि धन्यवाद, जयभानसिंह पवैया जी,आपका यह कथन सर्वथा उचित कि प्रदेश के मंत्री ग्वालियर आकर वीरांगना लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर नमन करने क्यों नहीं जाते??शायद,जिसके तलवे चाटना है,उनका कोप? कथित राष्टवादी बनने के बाद इनका DNA कराना चाहिए,CM भी आज नहीं गए! जिसके बाद भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है लेकिन कांग्रेस समर्थन में उतरे आई थी।

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