Aphelion Day : आज रात 11 बजे सूर्य से सबसे दूर होगी पृथ्वी, दूरी बढ़ने के बाद भी भारत में इतनी गर्मी क्यों? जानें इसके पीछे की वजह

Aphelion Day 2026: आमतौर पर माना जाता है कि सूर्य से दूरी बढ़ने पर ठंड होनी चाहिए, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी पर मौसम का बदलना सूर्य से दूरी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पृथ्वी के अपनी धुरी पर 23.5 डिग्री झुके होने के कारण होता है।
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आज यानी 6 जुलाई 2026 को पृथ्वी सूर्य से अपनी सबसे अधिकतम दूरी पर पहुंचेगी, जिसे खगोलीय भाषा में ‘एफेलियन’ (Aphelion) कहा जाता है। भारतीय समयानुसार आज रात करीब 11:00 बजे (17:30 UTC) पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख किलोमीटर (152.1 मिलियन किमी) होगी। इस वजह से आकाश में सूर्य का आकार अपने सामान्य आकार से लगभग 3.4% छोटा दिखाई देगा।

नेशनल अवार्ड विनर खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समयानुसार आज रात 11:00 बजे पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी सबसे अधिकतम होगी। सोमवार को होने वाली इस खगोलीय घटना के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख किमी हो जाएगी, जबकि 3 जनवरी को पृथ्वी जब सूर्य के सबसे नजदीक या पेरिहेलियन यह दूरी लगभग 14 करोड़ 70 लाख किमी थी। इस दूरी के कारण सूर्य का आकार आकाश में सामान्य से लगभग 3.4% छोटा दिखाई देता है, लेकिन इसे हम अपनी नंगी आंखों से महसूस नहीं कर सकते।

दूरी बढ़ने के बाद भी क्यों है इतनी गर्मी

आम तौर पर लोग सोचते हैं कि सूर्य से दूरी बढ़ने पर ठंड होनी चाहिए, लेकिन भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में इस समय गर्मी है। इस विरोधाभास को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि मौसमों का बदलना सूर्य से पृथ्वी की दूरी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पृथ्वी की धुरी के झुकाव पर निर्भर करता है। वर्तमान में पृथ्वी अपनी धुरी पर साढ़े 23 डिग्री डिग्री झुकी हुई है, और इसका उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ झुका हुआ है। इस वजह से इन दिनों भारत सहित उत्तरी गोलार्ध के देशों को सूर्य की सीधी और तीखी किरणें मिल रही हैं, जिससे गर्मी पड़ रही है। इसके विपरीत, दक्षिणी गोलार्ध जैसे ऑस्ट्रेलिया में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ रही हैं, जिससे वहां इस समय सर्दियों का मौसम है।

साल में 1 बार सूर्य के सबसे पास और सबसे दूर होती है पृथ्वी

बता दें कि पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर घूमने की कक्षा पूरी तरह गोल न होकर थोड़ी अंडाकार है। इस वजह से साल में एक बार पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है और एक बार सबसे दूर। सबसे करीब होने की घटना को ‘पेरिहेलियन’ (उपसौर) और सबसे दूर होने को ‘एफेलियन’ (अपसौर) कहते हैं। इस साल 3 जनवरी 2026 को पृथ्वी सूर्य के सबसे पास थी, तब यह दूरी करीब 14 करोड़ 70 लाख किलोमीटर थी। अब आज ठीक इसके विपरीत पृथ्वी अपनी कक्षा के सबसे अंतिम छोर पर है यानि पृथ्वी सूर्य से करीब 50 लाख किलोमीटर ज्यादा दूरी पर होगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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