अरुण यादव ने सौरभ शर्मा मामले में MP सरकार से पूछे 10 सवाल, कहा ‘क्या जांच एजेंसियों ने जांच पर अघोषित ब्रेक लगा दिया है’

कांग्रेस नेता ने पूछा है कि जब सौरभ शर्मा की शिकायत ईओडब्लू में हुई थी तब जांच में उसे क्लीन चिट किसके दबाव में दी गई थी। तीन एजेंसियों ने छापेमार कार्यवाही की लेकिन सबके संपत्ति के आंकड़े अलग अलग क्यों है और क्या कोई जांच एजेंसी सौरभ शर्मा को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि वो कौन राजनेता एवं अफसर है जो उसे संरक्षण दे रहे थे और तीनों एजेंसियों के बयानों में अंतर क्यों है।
Arun Yadav

Arun Yadav Targets Government Over Saurabh Sharma Scam : परिवहन घोटाला और सौरभ शर्मा मामले को लेकर कांग्रेस लगातार एमपी सरकार पर हमलावर है। दो दिन पहले उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। शुक्रवार को जीतू पटवारी ने एक नोटशीट का पेज शेयर करते हुए पूछा था कि ‘सौरभ समर्थक’ कब संन्यास लेंगे और अब पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस मामले पर सरकार से 10 सवाल किए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने सौरभ शर्मा और परिवहन घोटाले से जुड़े मामले में सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि घोटाले में मिले 54 किलो सोना, करोड़ों रुपये नकद, और बेनामी संपत्ति के बावजूद एक महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई होती क्यों नहीं दिख रही है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि पूर्व परिवहन मंत्री जब बता रहे है कि सरगना कौन है तो अभी तक सरकार उसके नाम का खुलासा क्यों नहीं कर रही है।

अरुण यादव ने सौरभ शर्मा मामले पर सरकार को घेरा

बता दें कि पिछले माह 25 दिसंबर को भी अरुण यादव ने इसी मामले पर सरकार से तेरह सवाल किए थे और माँग की थी कि पूर्व एवं वर्तमान परिवहन विभाग के मंत्रियों के स्टाफ की सीडीआर को उजागर किया जाए। उस समय उन्होंने लोकायुक्त की कार्यवाही के लीक होने, जाँच एजेंसियों के बयानों में अंतर और पुलिस की कार्रवाई सहित कई सवाल उठाए थे। अब एक बार फिर उन्होंने सरकार से दस सवाल किए हैं।

सरकार से पूछे ये 10 सवाल

1- सौरभ शर्मा की परिवहन विभाग में हुई अवैध अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर विभिन्न तरह का प्रमाण सामने आ रहे हैं !
यह भी सच है कि यह अवैध नियुक्ति तत्कालीन परिवहन मंत्री के कार्यकाल के दौरान हुई थी उन्होंने अपने एक बयान (सार्वजनिक हुई वीडियो क्लिपिंग) में स्वीकार किया है कि यह नियुक्ति अवैध थी, अब भूपेंद्र सिंह जी को वह सच्चाई भी उजागर करना चाहिए कि इस अवैध नियुक्ति को उन्होंने किसके दबाव में की और उनपर किस मौजूदा उपमुख्यमंत्री पद पर काबिज नेता ने दबाव बनाकर इस आदेश को जारी करवाया था ?

2 – पूर्व परिवहन मंत्री जब बता रहे है कि सरगना कौन है तो अभी तक सरकार उसके नाम का खुलासा क्यों नहीं कर रही है ?
क्या सरकार को गद्दारों का दबाव है ?

3 – सौरभ शर्मा का अभी तक कोई भी जांच एजेंसी पता क्यों नहीं लगा पाई है कि आखिर वो कहाँ है ?

4- क्या जांच एजेंसियों ने जांच पर अघोषित ब्रेक लगा दिया है क्योंकि अभी तक कोई भी ठोस जानकारी किसी के पास भी नहीं है ?

5- सौरभ शर्मा के यहां से मिली डायरी को अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया ? क्या किसी का दबाव जांच एजेंसियों पर है ?

6- सौरभ शर्मा की विभागीय जांच कौन कर रहा है ?
अगर नहीं हो रही तो किसके दबाव में नहीं हो रही ?

7 – परिवहन विभाग में एक ही रैंक के 2 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग अलग पद पर क्यों बिठाया ?
क्या एक की सेटिंग सीधे दिल्ली से थी ?

8 – तीन एजेंसियों ने छापेमार कार्यवाही की लेकिन सबके संपत्ति के आंकड़े अलग अलग क्यों ?
क्या कोई जांच एजेंसी सौरभ शर्मा को बचाने का कुप्रयास कर रही है ?

9 – जब सौरभ शर्मा की शिकायत ईओडब्लू में हुई थी तब जांच में उसे क्लीन चिट किसके दबाव में दी गई थी ?

10 – वो कौन राजनेता एवं अफसर है जो सौरभ शर्मा को संरक्षण दे रहे थे ?
उनके नामों का खुलासा कब होगा ?
क्या उन्हीं नेताओं एवं अफसरों से सौरभ शर्मा को जान का खतरा है ?

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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