5 बजते ही नरोत्तम ने बजाया शंख, बोले-देशभर में गया एक अलग संदेश

5 बजते ही नरोत्तम ने बजाया शंख, बोले-देशभर में गया एक अलग संदेश

भोपाल। पीएम मोदी की अपील पर आज देशभर में जनता कर्फ्यू रखा गया और शाम पांच बजते ही तालियां, थालियां और शंख बजाकर कोरोना को दूर भगाने की कोशिश की गई। राजधानी भोपाल में भी पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम ने शंख बजाकर मोदी के निर्देश का पालन किया। नरोत्तम ने कहा कि यह एक वैश्विक महामारी है।पीएम ने इसकी कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह अपील की थी लॉक डाउन की और उसका जो वैशेविक संदेश गया है वो अभूतपूर्व है। हमारे प्रधानमंत्री की बात की स्वीकार्यता और उनकी जागरूकता ने  देश में एक अलग तरह का सुरक्षात्मक वातारवण निर्मित हुआ है।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारे स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी और जो अन्य कर्मचारी हैं जो सड़कों पर रहे, उनका आभार व्यक्त करने के लिये, उनका नमन अभिनंदन करने के लिये प्रतीक रूप में शंखनाद किया है। हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान तो रखें ही, लेकिन जो हमारे लिये अपने स्वास्थ्य सुरक्षा तो दांव पर लगा रहे हैं उनका आभार व्यक्त करें यही हमारी संस्कृति  है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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