Hindi News

मरीजों को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा परामर्श सुविधा, आयुष मंत्री ने किया “वैद्य आपके द्वार योजना” ई-संजीवनी पोर्टल का शुभारंभ

Written by:Atul Saxena
Published:
"वैद्य आपके द्वार योजना" के अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
मरीजों को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा परामर्श सुविधा, आयुष मंत्री ने किया “वैद्य आपके द्वार योजना” ई-संजीवनी पोर्टल का शुभारंभ

आयुर्वेद ,होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति पर भरोसा करने वाले लोगों के लिए राज्य शासन ने आज से एक नई सुविधा शुरू की है, आयुष मंत्रालय ने  “वैद्य आपके द्वार योजना” अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल की शुरुआत की है, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने आज शुक्रवार को इसका शुभारंभ किया।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने आज भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की “वैद्य आपके द्वार योजना” अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्य प्रदेश में भी प्रारंभ की गई है।

मिलेगा निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श 

आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं।  परमार ने कहा कि आमजन “वैद्य आपके द्वार योजना” अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।

बहुभाषी सहायता भी मिलेगी 

उल्लेखनीय है कि “वैद्य आपके द्वार योजना” के अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews