सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर पटवारी पर दबाव बनाते विधायक पुत्र का ऑडियो वायरल

सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर पटवारी पर दबाव बनाते विधायक पुत्र का ऑडियो वायरल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में आये दिन सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल ऑडियो (Viral Audio) से प्रदेश की सियसत गरमाई रहती है| अब ताजा मामला उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा से कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल (Congress MLA Murli Morwal) के पुत्र करण से जुड़ा हुआ है| जिनका एक महिला पटवारी को फोन पर धमकाने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है|

सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के पुत्र करण और बड़नगर के हल्का नंबर 103 के पटवारी पूजा परिहार के बीच हुई बातचीत का बताया जा रहा है| ऑडियो में विधायक पुत्र फतेहपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालो का पक्ष लेते हुए महिला पटवारी को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं, और कह रहे हैं कि आप इस मकान पर रोक क्यों लगा रहे हैं|

ऑडियो में पटवारी कह रही हैं कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण रोकना उनका काम है| विधायक पुत्र पटवारी को धमकाने के अंदाज़ में फोन कर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही को बंद करने के लिये दवाब बना रहे हैं| लेकिन पटवारी पूजा परिहार ने विधायक पुत्र को यह कहकर लताड़ दिया कि वह किसी की भी नोकर नहीं है| वे राज्य शासन के लिए काम करती है| इस दौरान विधायक पुत्र तहसीलदार से बात करने की भी धौंस देते सुनाई दे रहे हैं| फिलहाल यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है|

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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