एकेडेमिया-“इंडस्ट्री इंटरफ़ेस” ज़िंदगी हो जाएगी सेटीस्फ़ेक्ट्री

एकेडेमिया-“इंडस्ट्री इंटरफ़ेस” ज़िंदगी हो जाएगी सेटीस्फ़ेक्ट्री

BHOPAL NEWS :  उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में एकेडेमिया-इंडस्ट्री इंटरफ़ेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों का संस्थान में प्रथम समागम हुआ। कार्यक्रम के उदघाटन-सत्र में भारतीय परंपरानुसार माँ सरस्वती का स्तवन एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। तत्पश्चात पौधा भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत के पश्चात व्यावसायिक पाठ्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ रुचिरा चौधरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अकादमी के क्षेत्र में ‘यह एक ऐतिहासिक क्षण है जब अकादमी और इंडस्ट्री का सम्मेलन यहाँ किया जा रहा है।

उद्योगपतियों और विद्यार्थियों को आपस में एक दूसरे को समझने का अवसर

इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु इंडस्ट्री और अकादमी का अंतर कम किया जा सके। उद्योगपतियों और विद्यार्थियों को आपस में एक दूसरे को समझने का अवसर प्राप्त हो। आई॰ ई॰ एच॰ ई॰ की सफलता में यह कदम तब ही महत्वपूर्ण हो सकता है जब विद्यार्थियों को इंडस्ट्रीज़ को पास से समझने का मौका मिले’।

कई उपलब्धियां हासिल की संस्थान ने 
संस्थान के संचालक डॉ प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने संस्थान की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि नैक से A+ ग्रेड प्राप्त हुआ है| संस्थान के 05 विद्यार्थियों ने यू॰ पी॰ एस॰ सी॰ में सफलता प्राप्त की है। विद्यार्थियों को सफल उद्यमी बनाने की दिशा मे हमने जमीन तैयार की है आपसे अनुरोध है कि आप इन्हें कमर्शियल ट्रेनिंग देकर उद्योगों का आसमान दें जिससे यह उड़ान भर सकें।

अगर देखना चाहते हो मेरी उड़ान को तो और ऊंचा कर दो आसमान को’।
डॉ जयश्री कंवर (डाइरेक्टर, सागर पब्लिक स्कूल) ने अपने वक्तव्य में कहा कि एजुकेशन इंडस्ट्री में चुनौतियाँ बहुत हैं। यह इंडस्ट्री सबसे ज़्यादा जॉब भी जेनेरेट करती है। हमें नया सीखने की चुनौतियों को स्वीकार करके अपने आप को उत्कृष्ट बनाना है। आप जिस भी क्षेत्र में जाना चाहें उसके लिए आपको फोकस, स्किल्ड और सीखने के लिए तैयार रहना होगा। भविष्य को आपसे बहुत अपेक्षाएँ हैं। विद्यार्थियों में बहुत क्षमताएं होती हैं इस बात को उन्होंने इन शब्दों में व्यक्त किया ‘अगर देखना चाहते हो मेरी उड़ान को तो और ऊंचा कर दो आसमान को’।

असफलता से डरें नहीं 
कार्यक्रम में सोम ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के डाइरेक्टर ए॰ के॰ अरोरा ने कहा कि जब आप पढ़ने जाते हैं तो व्यक्तित्व निर्माण के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि असफलता से डरें नहीं जीवन के हर पड़ाव पर असफलता मिल सकती है। अपनी क्षमता को तराश कर आगे बढ़िए।

अतिथियों ने दिए मंत्र 

डॉ राजीव अग्रवाल (प्रेसिडेंट अस्सोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज़) ने विभिन्न कहानियों के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया जिसमें प्रमुख रूप से- 1॰ सफल उद्यमी बनने की सीख शामिल थी। 2.समस्या के साथ समाधान पर भी काम करिए। अपना वक्तव्य उन्होने इन पंक्तियों के साथ समाप्त किया – ‘शब्द संभल कर बोलिए, शब्द के हाथ न पाँव, एक शब्द शीतल करे, एक करे घाव इन्होने सफलता के तीन मंत्र बताते हुए कहा ‘दिमाग में रखिए आइस फ़ेक्टरी, ज़ुबान पर रखिए शुगर फ़ेक्टरी, दिल में रखिए स्टील फ़ेक्टरी, ज़िंदगी हो जाएगी सेटीस्फ़ेक्ट्री।

आईएएस पी नरहरि दिए सुझाव  
मुख्य अतिथि पी॰ नरहरी- सचिव डिपार्टमेंट ऑफ एम॰ एस॰ एम॰ ई॰ ने विद्यार्थियों को सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में नौकरियों की नहीं नौकरियाँ देने वालों की ज़रूरत है। अपने व्यक्तित्व को बाज़ार के लिए तैयार कीजिये क्योंकि आपको साबित करना होगा कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने इस हेतु सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में 30 उद्योगपति भी शामिल हुए जिन्होंने अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग विषयों पर विचार विनिमय किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन डॉ महेंद्र सिंघई ने किया। समिति के सदस्यों डॉ अंजलि आचार्य, डॉ. उषा कहौल, डॉ अखिलेश शेण्डे, डॉ. निधि चौहान, मोहम्मद अथर, अनुज श्रीवास्तव, मोनेन्द्र अहिरवार के अथक प्रयासों से कार्यक्रम सफल हो सका। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अनुश्री, सुश्री अनुजा एवं सुश्री गौरी ने किया।

Sushma Bhardwaj
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