राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाने में वाहन टकराने के विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। अधिवक्ताओं, सिंधी समाज, हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने थाने के बाहर धरना देकर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिवक्ता के साथ मारपीट और आंख में चोट लगने के बावजूद उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई।
बता दें कि बैरागढ़ इलाके में शनिवार को एक वाहन टकराने से बड़ा विवाद हो गया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ताओं और सिंधी समाज के लोगों ने बैरागढ़ थाने के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में हिंदू संगठनों के सदस्य और भाजपा के स्थानीय नेता भी शामिल हुए। सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों की शिकायतों पर बराबरी से कार्रवाई की मांग उठाई।
जानकारी के मुताबिक संतनगर निवासी अधिवक्ता मनोज छुगानी का एक ऑटो चालक से वाहन टकराने को लेकर विवाद हुआ था। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई और बाद में हाथापाई की नौबत आ गई। मामला थाने पहुंचने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता की आंख में गंभीर चोट आई लेकिन उनकी शिकायत पर वैसी कार्रवाई नहीं हुई जैसी दूसरे पक्ष की शिकायत पर की गई है।
वकीलों का विरोध हुआ तेज
घटना की जानकारी मिलते ही सिंधी पंचायत के पदाधिकारी, अधिवक्ता और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में बैरागढ़ थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी विवाद में दोनों पक्षों की शिकायतों को समान रूप से देखा जाना चाहिए और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ऑटो चालक की शिकायत पर अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया जबकि अधिवक्ता की ओर से मारपीट और कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ी शिकायतों पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी बात को लेकर थाने के बाहर काफी देर तक नारेबाजी होती रही। हालात को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम रहेंगे और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।
इस मामले में क्या बोले एसीपी आदित्य राज सिंह?
इस मामले की पूरी जानकारी देते हुए बैरागढ़ के एसीपी आदित्य राज सिंह ने बताया कि समाज के लोगों और अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट





