नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा इलाके में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। दरअसल सिवनी मालवा इलाके के किसान पंकज विश्वकर्मा के साथ बड़ा फ्रॉड हो गया उनके खाते से बड़ी रकम निकल गई। खास बात यह है कि किसान के मुताबिक ठगी से पहले उनके मोबाइल पर न तो कोई OTP आया और न ही किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन। खाते में कुछ दिन पहले ही मूंग बेचने के 5 लाख रुपए आए थे।
दरअसल पीड़ित किसान पंकज विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने 14 अगस्त को समर्थन मूल्य पर मूंग बेची थी। इसके बाद करीब 5 लाख रुपए उनके बैंक खाते में जमा हुए। किसान को उम्मीद थी कि यह रकम उनके काम आएगी लेकिन 29 अगस्त को जब उन्होंने खाते का बैलेंस चेक किया तो सिर्फ 39 रुपए बचे थे।
मूंग बेचने के बाद खाते में जमा हुए थे 5 लाख रुपए
वहीं खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही पंकज ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर खाते से हुए लेन-देन की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि खाते से कुल 5.01 लाख रुपए 9 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए दूसरे खातों में भेजे गए हैं। किसान का कहना है कि इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर होने से पहले उन्हें किसी तरह का OTP नहीं मिला। इसके अलावा किसी व्यक्ति ने बैंक अधिकारी या किसी दूसरी पहचान से फोन करके भी जानकारी नहीं मांगी। इस वजह से रकम निकलने का तरीका अब पुलिस और साइबर टीम की जांच का हिस्सा है।
साइबर ठगी में 4.50 लाख रुपए सीज
वहीं शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई और रकम को ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू की। टीम की कोशिशों के बाद 4.50 लाख रुपए सीज करा दिए गए हैं। यानी खाते से निकली रकम का बड़ा हिस्सा फिलहाल सुरक्षित कराया जा चुका है। हालांकि किसान के खाते से पूरी रकम निकलने के बाद उसे इसकी जानकारी कई दिन बाद हुई। घटना के करीब 13 दिन बाद शुक्रवार रात सिवनी मालवा थाने में मामला दर्ज कराया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 9 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किन खातों में किए गए और इन खातों का इस्तेमाल किसने किया।
दरअसल साइबर टीम बैंक खातों और ट्रांजेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच के दौरान रकम जहां भेजी गई, वहां से आगे किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई या नहीं इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। फिलहाल 4.50 लाख रुपए सीज कराना इस मामले में पुलिस की अहम कार्रवाई मानी जा रही है।






